Mutual Fund meaning in Hindi - Mutual Funds Basics

Mutual Funds in Hindi . हिंदी में जाने की म्यूच्यूअल फंड्स क्या होता है ?
म्यूच्यूअल फण्ड कैसे काम करता है ? और म्यूच्यूअल फंड्स में यूनिट्स क्या होती है ?

म्यूच्यूअल फंड्स में NAV क्या होता है ? म्यूच्यूअल फंड्स में फोलियो नंबर क्या होता है ?



Mutual Funds in hindi क्या होते है ?


म्यूच्यूअल फंड्स निवेश करने की एक योजना है।

यह योजना उन लोगो के काम की है जिनके पास अपनी राशि कहा पर निवेश करे यह तय करने का समय नहीं होता।


या फिर जिनके पास ज्ञान नहीं होता जिस से वे तय कर सके की उन्हें उनकी राशि कहा पर निवेश करनी चाहिए।


Mutual Fund - दो शब्दों से जुड़कर बना है : Mutual और Fund .


Mutual का मतलब है आपसी या फिर पारस्परिक।


और Fund का मतलब है पैसा।


इस से Mutual Fund का मतलब है : पारस्परिक या फिर आपसी पैसा।


Mutual Funds एक निवेश करने का तरीका है।


जिस में बहुत से लोग का पैसा इकट्ठा किया जाता है और फिर उसे एक साथ कई जगह पर निवेश कर दिया जाता है।


जिस से निवेशकों को कम जोखिम लेकर ज्यादा रिटर्न मिल सके।


Mutual Funds  कैसे काम करते है ?


Mutual Funds  मुख्य तीन लोगो से बने हुए होते है।

जिनमे 1) Asset Management Companies, 


         2) Fund Manager and Team 

         3) Investors सामिल है।

#1 . Asset Management Companies (AMCs) :


Asset Management Companies वो कंपनिया होती है जो की Mutual Funds बनाती है।

यह कंपनिया निवेशकों को Mutual Funds से जोड़ने का काम करती है।


वे निवेशकों से उनकी सुविधा के अनुसार उनकी निवेश लायक जमा राशि इकट्ठा करती है।


और म्यूच्यूअल फंड्स में जरुरी Fund Managers को रखती है।


#2. Fund Managers & Team :


Fund Manager, Mutual Funds में जमा की गई राशि को Mutual Funds के लक्ष्य के हिसाब से निवेश करते है।


Mutual Funds को manage करने के लिए रखे गए Fund Managers AMCs के द्वारा रखे होते है।


यह बड़ी राशि को निवेश करने तथा उस राशी को मैनेज करने के बहुत अनुभवी होते है।


वे समय समय पर निवेश करने लायक विकल्प जैसे किसी कंपनी के शेयर , बॉन्ड्स , सरकारी प्रतिभूतियां (Government Securities) खोजते रहते है।


Fund Manager के साथ कुछ लोगो की टीम भी होती है जो की फण्ड मैनेजर को अच्छे निवेश ढूंढने में मदद करते है।


इस तरह Mutual Funds में Fund Managers का काम म्यूच्यूअल फण्ड के लक्ष्य के हिसाब से निवेशकों के पैसे निवेश कर के उन्हें अच्छा रिटर्न दिलाने की कोसिस करना है।


ध्यान रखे : म्यूच्यूअल फंड्स में भी निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की कोई गारन्टी नहीं होती।


क्योकि वह भी पैसा तो बाजार में ही लगाते है जो की बहुत ही अनिश्चित है।


इस कार्य को करने के लिए Fund Managers उस फंड्स के पास से कुछ फीस लेते है।


#3. Investors :


Mutual Funds in Hindi में मुख्य तीसरे लोगो में Investors यानि निवेशक शामिल है।

इसमें आपके और मेरे जैसे लोग शामिल है।

जोकि Mutual Funds में अपनी स्थिति के अनुसार अपनी जमा राशि निवेश करते है।


Mutual Funds मे निवेश करते समय हमें कुछ ऐसे शब्द सुनने को मिलते है जिसे हम पहली बार में नहीं समझते।


जिसमे Units ( यूनिट्स), Folio Number (फोलियो नंबर),


Portfolio (पोर्टफोलिओ), NAV ( Net Asset Value),


Expense Ratio, Entry Load और Exit Load शामिल है।


आइए एक के बाद एक इन सब के बारे में जानते है।


#१. Mutual Funds में Units क्या होती है ?


Mutual Funds in Hindi में पैसा निवेश करने पर आपको उस म्यूच्यूअल फंड्स की कुछ यूनिट्स (Units) मिलेंगी।

Units, Mutual Funds का एक छोटा हिस्सा है। इसे इस तरह से समझे :


सोचिए की आप और आपके तीन दोस्तों ने मिलके 8 फ्लैट वाला कोई अपार्टमेंट ख़रीदा।


यह पुरे अपार्टमेंट की कीमत आप लोगोंने मिलकर 80 लाख रूपए चुकाई।


जिसमे से आपने और आपके दोस्तों ने कुछ इस तरह पैसे लगाए : 20 लाख , 30 लाख , 20 लाख , 10 लाख.


अब क्या आप बता सकते है की हर एक दोस्त के हिस्से में कितने फ्लैट आएँगे ?


जवाब सीधा ही है :


80 लाख रूपए से 8 फ्लैट आए इसका मतलब एक फ्लैट के 10 लाख रूपए।


इस तरह आपके हिस्से में 2 फ्लैट आए क्योकि आपने 20 लाख रूपए लगाए और एक फ्लैट की कीमत 10 लाख रुपए चुकाई गई।


इसी तरह जिसने 30 लाख रूपए लगाए उसे 3 फ्लैट , 20 लाख रूपए लगाए उसे 2 और जिसने 10 लाख रूपए लगाए उसे 1 फ्लैट मिलेगा।


कुछ इसी तरह Mutual Funds in Hindi में भी होता है।


अभी दिए हुए उदहारण में जो फ्लैट है वह म्यूच्यूअल फण्ड में एक Unit है।


इस तरह जैसे आपको अपनी निवेश की राशि के अनुसार फ्लैट मिले थे।


उसी तरह Mutual Funds in Hindi में आपको आपकी निवेश की गई राशि के अनुसार Units मिलते है।



#२. Mutual Funds  में Folio Number क्या होता है ?


Folio Number हर निवेशक के portfolio को दिया गया एक यूनिक नंबर है जीस से आपके किए हुए निवेश को पहचाना जाता है।


#३. Mutual Funds में Portfolio क्या होता है ?


Mutual Funds में Portfolio का मतलब है की आपके म्यूच्यूअल फण्ड ने फण्ड की जमा राशि में से कितने प्रतिशत राशि कौनसे निवेश के विकल्प में या फिर कौनसी कंपनी में निवेश की है।

जैसे की अगर आपका Fund, Hybrid Fund है।


तो आपके म्यूच्यूअल फण्ड के Portfolio में यह दिखाया जाएगा की फण्ड की पूरी राशि के कितने प्रतिशत राशि Equity यानि Share खरीदने में लगाई है।


तथा किन किन कंपनीओ के शेयर कितनी प्रतिशत राशि से ख़रीदे गए है।


और कितनी प्रतिशत राशि डेब्ट जैसे निश्चित ब्याज देने वाले विकल्प में निवेश की गई है।


Portfolio के बारे में विस्तार में यहाँ से पढ़े : Portfolio 



#४. Mutual Funds में NAV क्या होती है ?


Mutual Funds NAV का मतलब Net Asset Value है।

यह उस एक Unit की कीमत है जिसके बारे में हमने पहले जाना।


इसे शॉर्ट में NAV (एनएवी) कहा जाता है।


NAV, Mutual Funds in Hindi ने निवेश किए हुए विकल्पों के हर रोज के दाम के अनुसार बदलती रहती है।


इस NAV से ही यह पता चलता है की आपको आपकी निवेश की राशि के अनुसार कितने Units मिलेंगे।


ऊपर दिए गए उदाहरण में जो एक फ्लैट की कीमत 10 लाख रूपए है, वैसे ही NAV Mutual Funds के एक Unit की कीमत है।


उदहारण के तौर पर अगर किसी म्यूच्यूअल फण्ड की NAV 20 रूपए चल रही है और आप उसमे 2000 रूपए निवेश करना चाहते है।


तो आपको उस Mutual Fund की 100 Units मिलेंगी।


NAV के बारे में विस्तार में यहाँ से पढ़े : NAV (Net Asset Value)



#५. Mutual Funds में Expense Ratio क्या होता है ?


हमने अभी देखा की Mutual Funds को बनाने का काम AMCs करती है और फिर Fund Managers जमा राशि को अच्छी तरह से निवेश करते है।


सामान्य रूप से इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए AMCs को कुछ खर्च करने पड़ते है।

जिनमे ज्यादातर Fund Manager की सैलरी , Mutual Funds in Hindi के दलाल का कमीशन और भी कई खर्च सामिल है।


सीधी से बात है की वह खर्च कंपनी अपनी जेब से तो करेगी नहीं।


इस खर्च के लिए कंपनी mutual fund की कुल राशि में से कुछ प्रतिशत चार्ज लेती है।


इसी चार्ज को हम Expense Ratio कहते है।


यह Expense Ratio अलग अलग म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम के लिए अलग अलग होता है।


सामान्य रूप से वह 1 से 2 प्रतिशत तक का होता है।


Mutual funds in Hindi के Direct plan में यह Expense ratio 1 प्रतिषत से बहुत ही कम हो जाता है।


Direct Plan vs Regular Plan


Expense Ratio के बारे में विस्तार में यहाँ से जाने : Expense Ratio



#६. Mutual Funds में Entry Load और Exit Load क्या होते है ?

म्यूच्यूअल फंड्स में Entry Load (प्रवेश का भार) और Exit Load (बहार जाने का भार) आपको सुन ने मिलेंगे।

यह एक प्रकार की पेनल्टी है जो की म्यूच्यूअल फंड्स निवेशक पर लगते है।


Entry Load को अगस्त 2009 से पहले म्यूच्यूअल फंड्स में प्रवेश करने के लिए लगाया जाता था।


लेकिन उसके बाद यह SEBI ( Security and Exchange Board of India) द्वारा रद कर दिया गया है।


अब सिर्फ Exit Load ही लगता है।


Exit Load एक पेनल्टी है।


जो की म्यूच्यूअल फण्ड किसी निवेशक पर अगर वह निवेशक निश्चित समय से पहले म्यूच्यूअल फंड्स से निकलना चाहे तो लगाते है।


यह इस तरह है।


जैसे हम किसी Fixed Deposit को समय से पहले निकालने पर हमें जो पेनल्टी लगती है वैसे ही।


अगर हम म्यूच्यूअल फंड्स द्वारा निर्देशित समय के पहले निकलना चाहे तो हमें Exit Load लगता है।


ज्यादातर इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स की निश्चित अवधि 1 साल होती है , डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स की 3 साल की होती है।


ऐसे अलग अलग होती है।


Entry और Exit Load के बारे में विस्तार में यहाँ से पढ़े : Entry & Exit Load



Exit Load लगाने का कारण :


यह पेनल्टी लगाने का असली कारण यह है की म्यूच्यूअल फंड्स में हर रोज NAV बदलती रहती है।

जिस से एक नए निवेशक उस चीज़ को हर रोज देखता रहता है।


और जब NAV बढ़ रही होती है तब तक तो सब कुछ ठीक चलता है।


मगर जब NAV कम होना शुरू करती है तब अपने पैसो को कम होता देख कर कई सारे निवेशक डर जाते है।


और इसी डर की वजह से वह म्यूच्यूअल फंड्स से निकलने का फैसला ले लेते है।


जिस से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।


क्योकि इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स द्वारा पैसे शेयर बाजार में पैसे निवेश किए जाते है।


जिसमे हर समय दाम बढ़ता और घटता रहता है।


और सही में शेयर बाजार से पैसे कमाने के लिए उसमें लम्बे समय के लिए ही निवेश करना चाहिए।


और Exit Load कटने के डर से कम ही निवेशक समय से पहले अपनी जमा राशि म्यूच्यूअल फंड्स में से निकालते है।


इस तरह आखिर में उन्हें ही लाभ होता है।


उम्मीद करता हु दोस्तों की आप लोगो को Mutual Funds in Hindi के बारे में बहुत कुछ समझमे आ गया होगा।


मुझे comment में जरूर बताए की आपको यह जानकारी अच्छी लगी या नहीं।


अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे Social Media में जरूर Share करे।


और भी पढ़े :


१. Equity, Hybrid और Debt Mutual Funds (Types Of Mutual Funds in Hindi )


. कैसे जाने की हमारे म्यूच्यूअल फंड्स ने किस जगह पर निवेश किया है ?


३. NAV (Net Asset Value) को कैसे समझे?


४. Direct Plan vs Regular Plan



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