About Share Market in Hindi - Share Market kya hai ?

Share Market kya hai ?
क्या आप Share Market के बारे में जानना चाहते है ?

तो फिर आप सही जगह पर आए है।

यहाँ पर आपको मिलेगी शेयर बाजार के बारे में पूरी जानकारी वह भी बहुत ही आसान भाषा में।

आइए जानते है,

Share Market kya hai ? (About Share Market in Hindi)

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क्या आप कभी सब्ज़ी खरीदने सब्ज़ी मंडी में गए है?

यदी गए होंगे तो आपने देखा होगा की वहा पर कुछ लोग सब्ज़ी बेचने वाले होते है,

और कुछ लोग सब्ज़ी खरीदने वाले होते है।

यानी कोई भी बाजार चीज़े बेचने वाले और खरीदने वालो को मिलाने की एक जगह है।

इसी तरह Share Market भी शेयर को खरीदने और बेचने वालो को मिलाने की एक जगह ही है।

ऐसे अलग है शेयर बाजार बाकी बाजारो से : 


शेयर बाजार कुछ वजहों से बाकी सभी बाजार से अलग होता है।

जैसे बाकी सभी बाजार में आपको वस्तुए बेचने वालो की बहुत सी दुकाने देखने को मिलेंगी।

और वस्तुए खरीदने वाले बहुत से लोग भी मिल जाएंगे।

लेकिन शेयर बाजार में आपको कोई शेयर बेचने वालो की दुकाने या फिर खरीद ने वाले लोग देखने नहीं मिलेंगे।

मगर फिर भी वहा पर शेयर ख़रीदे और बेचे जाते है।

होता यह था की बहुत सालो पहले, सभी बाजारो जैसे ही शेयर बाजार भी बहुत बड़ी जगह पर लगता था।

वहा भी शेयर खरीदने और बेचने वाले लोग तथा शेयर दलाल आते थे।

वहा पर लोग हाथ उठा कर इसारा करके शेयर खरीदते और बेचते थे।

उस जगह को 'Wall Street' के नाम से जाना जाता था।

लेकीन बदलते ज़माने में तकनिकी विकास के कारण यह सब कुछ Computerized हो चूका है।

जिस से अब शेयर बाजार में खरीद-बिक्री करने के लिए कही जाने की जरुरत नहीं होती।

सिर्फ कंप्यूटर या मोबाइल से ही खरीद-बिक्री हो जाती है।

इस तरह Share Market बाकी सभी बाजार से अलग तरह का बाजार हो गया है।

अब इस से पहले की हम जाने की Share Market केसे काम करता है?

पहले जान लेते है की ये शेयर आखिर होते क्या हैं ?

Share क्या होते है ? (About Share Market in Hindi)


Share एक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब है बाँटना

अगर आप कोई चीज़ किसी के साथ बाँटते है तो उसे शेयर करना कहते है।

जैसे की आप अपने Photo और Video अपने Social Media पर दोस्तों के साथ Share करते है।

इसी तरह शेयर बाजार में बहुत सी कंपनिओ के मालिक अपने मालिकाना हक़ या फिर स्वामित्व (Ownership) को निवेशकों में बाँटते है।

अब आप ये सोच रहे होंगे की,

कोई कंपनी का मालिक अपनी कंपनी के स्वामित्व को क्यु बाँटेगा?


इस का सीधा सा उतर है पैसो के लिए

जी हा, पैसो के लिए।

आप यह तो जानते होंगे की किसी भी व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए पैसो की जरुरत होती है।

इस लिए अपनी कंपनी के व्यापार को आगे बढ़ाने लायक पैसे जुटाने के लिए कंपनीओ के मालिक अपने स्वामित्व का कुछ हिस्सा आम निवेशकों को बाँटते है।

उन हिस्सों को ही शेयर कहा जाता है।
जिसके बदले में वो निवेशकों से पैसे लेते है और उस पैसो का कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए उचित उपयोग करते है।

जिस से कंपनीओ के मालिक को ज्यादा ब्याज पर पैसे लेने की जरुरत नहीं होती।

और कंपनी की वित्तीय स्थिति अच्छी रहती है।

इस तरीके से पैसा जुटाने का एक और लाभ भी है।

वह लाभ यह है की यह पैसा बैंक से लिए हुए लोन की तरह वापस नहीं करना पड़ता और ब्याज भी नहीं चुकाना पड़ता।

तो क्या निवेशक को पैसे वापस नहीं मिलते ?


वापस तो मिलते है।

लेकिन कंपनी सीधा ही पैसा नहीं देती।

निवेशक शेयर बाजार में वह शेयर बेचकर पैसा ले सकते है।

लेकिन,

इस से निवेशक को क्या लाभ होगा? निवेशक उसे पैसे क्यु देगा ?

निवेशक को मिलने वाले शेयर स्वामित्व का हिस्सा होने के कारण वो उस कंपनी के एक बहुत छोटे से हिस्से का मालिक बनता है।

जिस से उसे दो तरह से लाभ मिल सकता है।
  • भविष्य में अगर वो कंपनी अच्छा व्यापार करती है तो निवेशक को मिले हुए शेयर का दाम बढ़ जायेगा जिसे बेच कर वो मुनाफा कमा सकता है।
  • अगर कंपनी चाहे तो अपने मुनाफे में से कुछ हिस्सा निवेशक को दे सकती है जिसे Dividend कहा जाता है।  
जैसे नौकरी करने वाले लोगो को बोनस मिलता है वैसे ही शेयर धारको को डिविडंड मिलता है।

Note : [ निवेशक को भविष्य में लाभ होगा या नुकसान यह पूरी तरह कंपनी के व्यापार पर आधारित है।

अगर कंपनी अच्छा व्यापार नहीं कर पाती तो निवेशक को नुकसान भी हो सकता है।

लेकिन इस नुकसान की भरपाई कंपनी नहीं करती है।

मतलब शेयर खरीद कर आप कंपनीओ के व्यापार पर अपने पैसो से जोखिम ले रहे है।

इस लिए आप जब भी कोई शेयर ख़रीदे तब बहुत सोच समझ कर ही ख़रीदे।]

Share के प्रकार :(About Share Market in Hindi)

शेयर दो प्रकार के होते है।

1) प्रेफरेंस शेयर (Preference Shares):


प्रेफरेंस शेयर धारक के पास अधिकार है की वो कंपनी के बंध होने के समय सामान्य शेयर धारक से पहले अपने शेयर के पैसे कंपनी से वापस ले सके।

2) सामान्य शेयर (Common Shares) :


जो शेयर, शेयर बाजार में ख़रीदे और बेचे जाते है उन्हें सामान्य या फिर इक्विटी शेयर कहा जाता है।

इन शेयर धारको को कंपनी के बंध होने के समय पर सबसे आखिर में अगर कंपनी के पास कुछ पैसा बचे तो ही इनके शेयर का पैसा मिलता है।

सामान्य शेयर धारक के अधिकार :


1) समान्य शेयर धारक अपने शेयर कभी भी और किसी को भी शेयर बाजार में बेच सकता है।

जबक प्रेफरेंस शेयर धारक अपने शेयर निश्चित अवधि से पहले नहीं बेच सकता।

2) सामान्य शेयर धारक के पास डिविडंड प्राप्त करने का अधिकार है जब भी कंपनी डिविडंड दे।

जबकि प्रेफरेंस शेयर धारक को तो निश्चित या फिर निश्चित दर से डिविडंड ही मिलता है।

3) सामान्य शेयर धारक को शेयर धारको की मुलाकात में कंपनी पर लिए जाने वाले फैसलो में अपने शेयर की संख्या के अनुसार वोट देने का अधिकार है।

जबकी प्रेफरेंस शेयर धारक सिर्फ कंपनी का लेनदार होता है, इस लिए वह कंपनी के किसी भी फैसले में वोट नहीं कर सकता।

Share Market में निवेश कैसे करे?


Share Market में निवेश करने के लिए हमे तीन तरह के खाते खुलवाने पड़ते है।

जिसमे बैंक खाताडिमैट खाता और ट्रेडिंग खाता सामिल है।

बैंक खाता :


कोई भी बैंक में बचत खाता होना चाहिए। जिसमे आपके पैसो का लेनदेन होगा।

अगर आप शेयर बेचेंगे तो पैसा उसमे जमा होगा और खरीदेंगे तो उसमे से पैसा कटेगा।


डिमैट खाता :


बहुत सालो पहले शेयर एक कागज के प्रमाण पत्र के रूप में ख़रीदे और बेचे जाते थे।

तब एक शेयर के लिए एक प्रमाण पत्र हुआ करता था।

जिस से अगर किसी के पास 1000 शेयर है तो उसे 1000 प्रमाण पत्रो को संभालना पड़ता था।

जोकी बहुत मुश्किल हो जाता था।

लेकिन अब वो डिमैट के रूप में खरीदे और बेचे जाते है।

ऐसे शेयर को जमा करने के लिए जिस खाते की जरूरत होती है उसे हम डिमैट खाता कहते है ।

* डिमैट के रूप में यानी जो किसी कागज पर ना हो कर डिजिटल स्वरुप में होता है।

जैसे हम अपने बैंक के खाते में पैसे को बैलेंस के रूप में देख सकते है उसी तरह। *

ट्रेडिंग खाता :


तीसरे तरह का खाता है. ट्रेडिंग खाता जिस की मदद से हम शेयर को खरीद या फिर बेच सकते है।

ट्रेडिंग खाते के बारे में ज्यादा जानकारी यहा से ले : Trading Account

Share Market की रचना : 


हमें Share Market में निवेश करने के लिए जिन तीन खातों को खोलने की जरुरत होती है।

उन में से दो तरह के खाते यानी डिमैट और ट्रेडिंग खाते हमें किसी ब्रोकर के पास खुलवाने पड़ते है।

यह ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य होते है।



स्टॉक एक्सचेंज वो जगह हे जहा पर शेयर को बेचने और खरीदने की व्यवस्था होती है।

भारत में मुख्य दो स्टॉक एक्सचेंज है NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) जहा पर रोज़ बहुतसी कंपनीओ के शेयर ख़रीदे और बेचे जाते है।

जैसे ही आप अपने ब्रोकर को कोई शेयर खरीदने या फिर बेचने का ऑर्डर देते है।

ब्रोकर उस ऑर्डर को स्टॉक एक्सचेंज (NSE or BSE) तक पहुंचाते है जहा पर उस आर्डर का अमल होता है।


Share Market केसे काम करता है?


Share Market को एक उदहारण के साथ समझते है।

सोचिए की आपने अपने ब्रोकर को ABC कंपनी के 100 शेयर 100 रूपए के दाम पर खरीदने का ऑर्डर दिया है।

वही विवेक ने अपने ब्रोकर को ABC कंपनी के 100 शेयर 100 रूपए के दाम पर बेचने का ऑर्डर दिया है।


आप दोनों के ऑर्डर NSE या BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज तक पहोचेंगे।

जहा से आपको ABC कंपनी के 100 शेयर 100 रुपए के दाम पर मिल जाएंगे और विवेक को उन शेयर की पूरी कीमत मिल जाएगी।

इस तरह स्टॉक एक्सचेंज में बहुत से ओर्डर आते है और उनका अमल होता रहता है।

स्टॉक एक्सचेंज में शेयर बेचने और खरीदने का काम कंप्युटर पर होता है।

आज के तकनिकी विकास के कारण आप सीधा मोबाइल से भी ये ओर्डर सीधा स्टॉक एक्सचेंज में भेज सकते है।

आजकल सभी ब्रोकेर आपको अपने मोबाइल से सीधा ट्रेडिंग करने की सुविधा देंने लगे है इस लिए यह बहुत ही आसान हो गया है।

तो दोस्तों यह थी Share Market kya hai ? के बारे में सरल भाषा में जानकारी।

उम्मीद करता हु की आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

यदि फिर भी आपको कुछ समझने में दिक्कत आयी होतो आप

मुझे gaurav.siptolumpsum@gmail.com पर बता सकते है में आपको समझाने का पूरा प्रयाश करूँगा।

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