आज से खुला है IRFC (Indian Rail Finance Corporation) का IPO - इतना हुआ है Subscribe

IRFC (Indian Rai Finance Corporation) का IPO आज यानी 18 जनवरी 2021 से खुला है और 20 जनवरी 2021 तक खुला रहेगा। इस IPO में Apply करने से पहले आपको उसके बारे में कुछ जानकारी ले लेनी चाहिए। तो चलिए उसके बारे में जानते है।


IRFC कंपनी के बारे मे : 


IRFC यानी इंडियन रेल फ़ाइनेंस कोर्पोराशन एक NBFC यानी नोन बेंकिंग फ़ाइनेंस कंपनी है, जो की भारत सरकार के स्वामित्व की कंपनी है। यह भारतीय रेल का एक Financing Arm है। यानी भारतीय रेल के लिए फ़ाइनेंस करने का काम करती है। 


IRFC मूल रूप से इंडियन रेल के लिए जरूरी रोलिंग स्टॉक्स एसेट्स जैसे की लोकोमोटिव्स, कोच, वेगन्स, ट्रक, फ्लेट, क्रेन्स, ट्रोलि आदि को खरीदकर उसे भारतीय रेल को लिज़ पर देना है। साथ ही वह सीधे तौर पर फाइनेंस करने का काम करती है। 

इंडियन रेल IRFC का मुख्य ग्राहक है लेकिन इसके आलावा मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे के निचे आने वाली कुछ कंपनियां भी उसकी ग्राहक है। 

इंडियन रेल के साथ यह लीज़ करीब 30 साल की होती है, जिसमे से पहले 15 साल और बाकी के 15 साल उस तरह से अलग अलग पार्ट में होती है। 

साल 2017 में मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे के लिए जरुरी रोलिंग स्टॉक एसेट्स का 72 % हिस्सा  IRFC के द्वारा फाइनेंस किया गया था।  उसी तरह साल 2018 में 93 %, साल 2019 में 84 % और साल 2020 में मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे के लिए जरुरी रोलिंग स्टॉक एसेट्स का 76 % IRFC के द्वारा फाइनेंस किया गया था।  

इस तरह कंपनी का मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे के साथ बहुत अच्छा व्यापार है। जिसमे मुख्य रूप से इंडियन रेल शामिल है। 

Strengths of Company (मजबूती) :  


1) इंडियन रेल के लिए महत्व पूर्ण फाइनेंसिंग स्त्रोत है। 


साल 2020 में इंडियन रेल के केपिटल एक्सपेंडिचर में से 713.92 बिलियन रूपए का फाइनेंस किया था।  जो की उस साल के रेल के कुल केपिटल एक्सपेंडिचर का करीब 48.22 % हिस्सा था। इसी तरह साल 2018, 2019 में भी
इंडियन रेल के केपिटल एक्सपेंडिचर का बड़ा हिस्सा IRFC के द्वारा ही फाइनेंस किया गया था।  

इस तरह इंडियन रेल के विकास के लिए उसे बहुत सारी केपिटल की जरुरत होगी और जिसका बड़ा हिस्सा IRFC के द्वारा फाइनांस किया जाएगा। इस तरह IRFC के पास विकास का बड़ा विकल्प है। 

2) कम ब्याज पर पैसा उठा पाती है।   


IRFC पूरी तरह सरकारी कंपनी है और साथ ही उसका ज्यादातर व्यापार मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे के साथ होता है, जिस से उसके द्वारा किए गए फाइनेंस बहुत सुरक्षित होते है, जिसकी वजह से उसकी Care Rating बहुत अच्छी है।

Image Source : IRFC RHP
 
और बहुत अच्छी रेटिंग होने के कारण वह बहुत कम ब्याज पर पैसा उठा पाती है, और फिर उस पैसे से रेलवे के लिए जरुरी एसेट्स खरीदकर उसे लम्बे समय के लिए लीज़ पर देती है। जिसके द्वारा वह मार्जिन कमाती है।

मुख्य रूप से IRFC अलग अलग प्रकार के लम्बे समय के Bond के जरीए पैसा उठाती है, इस तरह बहुत कम ब्याज पर पैसा मिल जाने की वजह से वह अच्छा खासा मार्जिन कमा पाती है। 

3) बहुत अच्छा व्यापार : 


जैसे हमने ऊपर देखा की IRFC एक अच्छा मार्जिन रखकर अपना व्यापार कर पा रही है। वही चीज़ उसके व्यापार के आंकड़े भी बताते है। साल 2018 में IRFC की आय 9207.40 करोड़ थी जो साल 2019 में करीब 19.33 % बढ़कर 10987.35 हुई। साथ ही साल 2020 में करीब 22.15 % बढ़कर 13421.1 करोड़ रही। 

इसके साथ ही साल 2018 में उसका मुनाफ़ा 2001.46 करोड़ था , जो साल 2019 में बढ़कर 2139.9 करोड़ हुआ और साल 2020 में बढ़ कर 3192.1 करोड़ रहा। 


साथ ही इसी वित्त वर्ष की सितम्बर 2020 तक की छमाही में IRFC की आय 7384.8 करोड़ रही और उसका मुनाफा 1886.841 करोड़ रहा है।

इस तरह IRFC का बहुत अच्छा व्यापार और उसमे विकास उसके आंकड़े ही दिखा रहे है। 

4)  कम जोखिम भरा व्यापार :  


IRFC का व्यापार बहुत ही कम जोखिम भरा है, क्युकी वह ज्यादातर रोलिंग स्टॉक एसेट्स मिनिस्ट्री ऑफ़ रेलवे की कंपनीओ को ही देती है और साथ ही उसके द्वारा लीज़ पर दिए हुए रोलिंग स्टॉक एसेट्स में दुर्घटना की वजह से हुए नुकसान मिनिस्ट्री ऑफ़ रेल को पास पास होते है, जिस से IRFC को नुकसान नहीं होता। 

इस तरह IRFC का व्यापार बहुत ही कम जोखिम भरा है। 

Weakness of IRFC (कमज़ोरी) : 


  • जैसे हमने जाना की IRFC का मुख्य ग्राहक मिनिस्ट्री ऑफ़ रेल के अंतर्गत इंडियन रेल ही है, ऐसे में अगर किसी तरह से इंडियन रेल के द्वारा IRFC की बजाए किसी और कंपनी को फाइनेंस का विकल्प दिया गया तो IRFC को व्यापार में नुकसान हो सकता है। 
  • इसके साथ ही अगर इंडियन रेल के द्वारा अगर IRFC के मार्जिन के साथ का लीज़ स्वीकार नहीं किया गया तब भी IRFC को नुकसान हो सकता है। 
  • अगर इंडियन रेल के विकास में जितनी कमी आई तो उतनी ही कमी IRFC के विकास में आ सकती है। 
  • IRFC की रेटिंग की वजह से ही उसे बहुत कम ब्याज पर पैसा मिल रहा है, और उसी की वजह से उसको अच्छा मार्जिन भी मिलता है, अगर किसी तरह से IRFC की क्रेडिट रेटिंग में कमी हुई तो उसको पैसा उठाने के लिए थोड़ा ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है। जिसका असर सीधा उसके मार्जिन पर पड़ेगा। 

IRFC IPO Details : 


IRFC अपने IPO के द्वारा करीब 4633 करोड़ रूपए जमा करेगी। 

इश्यू प्राइज़ : 25 से 26 रूपए प्रति शेयर 

शेयर की संख्या : 178.2 करोड़ शेयर (118.8 करोड़ नए शेयर + 59.4 ऑफर फॉर सेल)

निवेशको का हिस्सा : 50 % हिस्सा QIB निवेशक + 15 % हिस्सा HNI + 35 % हिस्सा सामान्य निवेशक के लिए।

कंपनी की वेल्यू : 


IPO से पहले कंपनी के शेयर 1188 करोड़ थे जिसमे करीब 118.8 करोड़ और नए शेयर जुड़ेंगे जिस से IPO के बाद कंपनी के कुल शेयर करीब 1306.8 करोड़ हो जाएंगे।

अबा अगर IPO में एक शेयर का दाम 26 रूपए लिया जाए तो कंपनी का IPO के बाद का मार्केट कैप करीब 33976.8 करोड़ रूपए होगा। 

वित्त वर्ष 2021 के पहली छमाही में कंपनी का कुल मुनाफा 1886.8 करोड़ थी, अगर हम उस पर से वित्त वर्ष 2021 का कुल मुनाफा निकाले तो वह करीब 3773.6 करोड़ होगा। जिसका मतलब है, की कंपनी का Price to Earning Ratio (PE Ratio) करीब 9 होगा। 

यानी कंपनी अपनी कमाई से 9 गुना की किमत मांग रही है, जो की अच्छी किमत है। 

PEG Ratio : 


जैसे हमने ऊपर PE Ratio की गणना की अब साल 2018 से साल 2020 IRFC का CAGR करीब 16 % रहा है, लेकिन अगर हम सिर्फ 10 % के ग्रोथ रेट को भी चुने तो भी IRFC का PEG Ratio करीब 0.9 आता है, जो बताता है की 26 रूपए के दाम पर IRFC का शेयर सस्ता है। ऐसा कह सकते है। 

इतना हुआ है Subscribe : 

 
आज यानी IRFC के IPO खुलने के पहले दिन ही उसका IPO करीब 32 % Subscribe हो चूका है। आपको Apply करना है या नहीं वह तो आपके ऊपर है। 

तो दोस्तों यह थी IRFC और उसके IPO से जुडी कुछ जानकारी जो एक निवेशक को जरूर जान लेनी चाहिए। उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी। 

अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। 

धन्यवाद।  



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