Sunday, May 31, 2020

शेयर बाजार में कैसे नुकसान से बचे और लगातार मुनाफा कमाए ? - (Book Summary in Hindi)

आपने कभी अपने आस पास के लोगो से शेयर बाज़ार के बारे मे पूछा है ?

यदि पूछा है तो आपको ज़्यादातर लोगो ने यही जवाब दिया होगा की 

शेयर बाज़ार तो सट्टा है, और शेयर बाज़ार मे से कोई भी पैसा नहीं कमा सकता। सिर्फ कुछ ही लोग एसे है जो की शेयर बाज़ार से पैसा कमा लेते है, और वह लोग बहुत भाग्यशाली होते है।

यह बात सायद आपको भी सच जैसी ही लगे लेकिन यह बात सच नहीं है। लेकिन मे इस बात को नहीं मानता क्यूकी अब तक के दुनिया के सबसे बड़े बड़े पैसो वाले लोग भी या तो सीधा निवेश करके या फिर परोक्ष रूप से शेयर बाज़ार के द्वारा ही अमीर बने है। 

जैसे सीधे तौर पर वोरेन बफेट, राधाकिशन दामानी और राकेश जूनजूनवाला जैसे लोग शेयर बाज़ार मे निवेश करके अमीर बने है। 

 

और परोक्ष रूप से गूगल के स्थापक लेरी पेज, रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी, फेसबुक के स्थापक मार्क जैसे बहुत से लोग अपनी कंपनियो को शेयर बाजार मे लिस्ट करने से अमीर बने है।

 

और शायद एक बार लोग शट्टे मे जीत सकते है, दो बार जीत सकते है लेकिन क्या कोई सट्टा खेलने से सिर्फ उसके नसीब से दुनिया का चौथे नंबर का अमीर व्यक्ति बन सकता है ? 

नहीं ना ? 



इस लिए शेयर बाज़ार मे से पैसा बनाना संभव जरूर है लेकिन यहा पर कुछ और बात है। क्यूकी 80% रीटेल निवेशक शेयर बाज़ार मे अपना पैसा गवाते है।अगर रीटेल निवेशक इसके पीछे का कारण जान ले तो वह भी शेयर बाज़ार मे निवेश कर के बड़ा पैसा बना सकते है। 

(यहा पर रिटेल निवेशक मतलब ऐसा व्यक्ति जो कोई नौकरी या छोटा व्यवसाय कर के पैसा कमा रहा हो और वह शेयर बाज़ार मे निवेश करना चाहता हो।)

तो चलिए एक उदाहरण से इन गलतियो को समजते है। 

उदहारण (पहला भाग) :

रोहित एक रिटेल निवेशक है जो की एक कंपनी में अच्छी सी नौकरी करता है। अब शेयर बाजार में निवेश करना चाहता है। लेकिन उसे शेयर बाजार के बारे में कुछ नहीं पता इस लिए वह अपने एक ब्रोकर मित्र को मिलता है जो उसका शेयर बाजार में ट्रेडिंग और डीमैट खाता खुलवा देता है।  

रोहित ने अपने उस ब्रोकर दोस्त को 1 लाख रूपए दिए और उन पैसो से उसके ब्रोकर दोस्त को  ट्रेडिंग करने के लिए कहा। शुरू में तो बहोत अच्छा चल रहा था। 

उसका ब्रोकर मित्र उसको रोज़ ट्रेडिंग की टिप्स देता और उसमे ट्रेड करने की मंजूरी लेता। और साथ ही वह रोहित को उसके प्रॉफिट के बारे में सूचित करता। 

अब रोहित के पैसो से 20 % रिटर्न मिल चूका था इस लिए रोहित ने उस दोस्त को और 50 हजार रुपए दिए। 

लेकिन कुछ दिनों के बाद रोहित को उसके दोस्त के द्वारा मिलने वाली सुचना बंध हो गई जिसकी वजह से रोहित ने अपने दोस्त से संपर्क किया तो उसे पता चला की उसके पैसो में उसको 50 % का नुकसान हो गया है। 

क्युकी बाजार अचानक से गिरने लगा था। जिस के बाद रोहित ने अपने बाकी बचे पैसे निकलवा कर कुल 55 % का नुकसान उठाया और अपना खाता भी बंध करवा दिया। 

ज्यादातर नए लोगो की शेयर बाजार की शुरुआत इसी तरीके से ही होती है। 

रोहित कहा पर गलत था ?



रोहित ने अपने दोस्त लेकिन एक ब्रोकर पर अँधा विश्वास कर के उसे ट्रैड करने के लिए कह दिया। और एक ट्रेडर पैसा कमाए या फिर गवाए लेकिन ब्रोकर को पैसा तो मिलता ही है। जिस वजह से वह अपने क्लाइंट्स को ज्यादा ट्रेडिंग के बारे में कहता है।  

जिस से उसे तो पैसा मिलता ही रहे। और साथ ही एक छोटे ब्रोकर को एक नियत ब्रोकरेज कमाने के लिए टार्गेट्स भी दिए जाते है, जिसको उन्हें पूरा करना पड़ता है। इस लिए किसी ब्रोकर के ऊपर अंधा विश्वास कर के उसे ट्रेडिंग करने देना सबसे बड़ी बेवकूफी है। 

उदहारण (दूसरा भाग) :

पहली बार हुए नुकसान के करीब 6 महीने बाद ही रोहित फिर से किसी शेयर बाजार से जुड़े न्यूज़ चेंनल को देखने लगा, जहा से उसे पता चला की अब से आने वाले कुछ सालो तक बाजार बहुत ऊपर जा सकता है। जिस के बाद रोहित ने दूसरी बार एक बड़े ब्रोकर के पास नया ट्रेडिंग और डीमैट खाता खुलवाया। 
और इस बार रोहित ने खुद ही किसी न्यूज़ चेंनल से मिलने वाली फ्री टिप्स को इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए उपयोग किया। ऐसे में उसे अपने ब्रोकर से पता चला की उसका ब्रोकर उसे 10 गुना लिवरेज दे सकता है, यानि अगर उसके खाते में 100 रुपए है तो वह 1000 रुपए की ट्रेडिंग कर सकता है। 

यह जानकार रोहित खुस हो गया और वह अपने 50000 रुपए के मार्जिन से 5 लाख तक की ट्रेडिंग करने लगा। टीवी में आने वाली टिप्स से उसे पैसा तो मिल रहा था, लेकिन दिक्कत यह थी की उसके 1 या 2 नुकसान वाले ट्रेड बाकी की 5 - 6 ट्रेड के लाभ को भी ले के चले जाते थे। 

ऐसे में रोहित सम्पूर्ण रूप से मुनाफे की जगह 20 % नुकसान में रहने लगा। जिस से वह परेशान हो गया और फिर से उसने ट्रेडिंग छोड़ दी। 

इस बार रोहित कहा पर गलत था ?



इस बार रोहित ने इंट्राडे ट्रेडिंग को चुना था और जो की एक नए व्यक्ति के लिए पैसो का नुकसान करने का सबसे निश्चित तरीका है। और साथ ही उसने 50000 की राशि से 5 लाख की ट्रेडिंग की जिसकी वजह से उसके ब्रोकर को तो अच्छा ब्रोकरेज मिल गया। लेकिन क्या आप अपने ब्रोकर को पैसा देने के लिए ट्रेडिंग करते है ? रोहित ने यही किया था। इस लिए इंट्राडे ट्रेडिंग से दूर ही रहे, क्युकी उसमे आपका ब्रोकर आपसे ज्यादा पैसा कमाता है। 

इसी तरह "How to Avoid Loss and Earn Consistently in the Share Market" में लेखक प्रसनजीत पॉल ने अलग अलग कारणों जिसकी वजह से एक सामान्य निवेशक को नुकसान होता है उसके बारे में उदहारण के साथ चर्चा की है। 


और साथ ही उन्होंने अपनी इस पुस्तक में शेयर बाजार से लगातार मुनाफा कमाने और अमीर बनने के तरीके के बारे में बहुत ही सरल भाषा में बताया है। इसी लिए यदि किसी व्यक्ति को सच में शेयर बाजार से अमीर बनना है तो उसे इस पुस्तक को जरूर पढ़नी चाहिए। 

इस पुस्तक को पढ़ने का दूसरा कारण यह भी है की इस पुस्तक में दिए गए सभी उदहारण भारतीय कंपनीओ और भारतीय शेयर बाजार के है। जिस से आपको समझने में आसानी होगी। 

उम्मीद करता हु आपको इस पुस्तक की Summary पसंद आई होगी।  



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