Sunday, November 3, 2019

Depository Meaning क्या है और यह क्या काम करती है ?


Depository Meaning.
दोस्तों आपने कई बार शेयर बाज़ार के जिक्र में NSDL और CDSL का नाम सुना होगा और सोचा होगा की वह क्या है ?

वह दोनों ही Depositories है।

आज हम जानेंगे की Depository क्या है ? और भारत में कौनसी Depositories है ?

और वह क्या काम करती है ?

तो आइए पहले जान लेते है की,

Depository का meaning क्या होता है ?


वैसे तो Depository का मतलब वह जगह जहा कुछ जमा कर के रखा जाता है।

लेकिन शेयर बाज़ार में Depository का मतलब वह संस्था है जहा पर निवेशक का demat खाता खोला जाता है।

और उसमे शेयर जमा करने की और उसमे से निकालने की व्यवस्था करती है।

इसके अलावा जब भी Dividend और bonus जैसे Corporate Action होते है, तब वह ऐसी कंपनीओ को उसके निवेशकों की जानकारी देती है।

जैसे अगर आपके पास Company A के कुछ शेयर है।

अब उसने 10 रुपए प्रति शेयर का dividend देने का एलान किया।

ऐसे में आपको आपके हिस्से का dividend सीधे आपके बैंक खाते में दे दिया जाएगा।

इसके लिए आपके और आपके बैंक खाते की जानकारी Depositories उस कंपनीओ को देती है।

अब हम जानते है की,

भारत में कितनी Depositories है और कौनसी ?


जैसे हमने ऊपर बात की भारत में दो Depositories है :
  1. NSDL और
  2. CDSL

1) NSDL :


NSDL का पूरा नाम National Securities Depositories Ltd है।

यह भारत की सबसे पहली Security Depository है।

इसकी शुरुआत 8 november 1996 में हुई थी।

NSDL के Promoters में National Stock Exchange यानी NSE, IDBI और

Unit Trust of India शामिल है।

इसके अलावा NSDL के शेयर धारक में
  • Axis Bank,
  • State Bank of India,
  • Oriental Bank of Commerce
  • HDFC Bank
जैसे और भी कई Bank शामिल है।

2) CDSL :


CDSL का पूरा नाम Central Depositories Services Ltd है।

इसकी शुरुआत फ़रवरी 1999 में मुंबई में हुई थी।

यह भारत की दूसरी Security Depository है।

यह BSE यानी Bombay Stock Exchange के अंतर्गत आती है।

NSDL और CDSL में क्या फर्क है ?


वैसे तो NSDL और CDSL दोनों ही Depositories ही है।

सिर्फ दोनों ही अलग अलग संस्था है।

लेकिन काम दोनों एक जैसा ही करती है।

जब भी हम शेयर बाज़ार में निवेश के लिए अपना Demat Account खुलवाते है, तब हमारा Demat Account NSDL या फिर CDSL किसी एक में खोला जाता है।

इनमे से किस में हमारा Demat Account खोलते है, यह हम तय नहीं करते।

यह हमारा Broker तय करता है।

अब हम जानते है की,

कैसे जाने की हमारा Demat Account कौनसी Depositories में है ?


जबभी आप अपना Demat Account खुलवाते है, तब आपके Email Id पर Depository की तरफ से आपको एक Welcome Email आता है।

यह Email आपको कौनसी Depository से आया है, यह देखकर आप पता लगा सकते है की आपका Demat Account NSDL में खुला है या CDSL में।

जैसे अगर आपका खाता CDSL में खुला है, तो आपको Services@cdslindia.com से email आएगा।

अगर आपका खाता NSDL में खुला है तो आपको इसी तरह NSDL के email id से email आएगा।

इस Email में आपका DP Id और Client Id दोनों ही होता है।

अगर आप इन दोनों को एक साथ जोड़ देंगे तो आपका Demat Account मिलेगा।

DP Id depository participant यानी आपके broker का Id है।

और Client Id उसके Client यानी अलग अलग निवेशकों का Id है, जो हर निवेशक के लिए अलग अलग होता है।

इस Demat Account Number का उपयोग आप IPO के लिए आवेदन करने के लिए किया जाता है।

निष्कर्ष :


तो दोस्तों आज हमने Depository Meaning के बारे में जाना।

और जाना की हम अपना Demat Account number कैसे जान सकते है।

उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

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