Tuesday, October 8, 2019

Internal Rate of Return क्या होता है ?



Internal Rate of Return

दोस्तों जब भी हम किसी भी निवेश विकल्प में निवेश करते है, तब हम यह जरूर देखते है, की उसमे से हमें रिटर्न कितना मिलने वाला है।

क्युकी आखिर कार हम रिटर्न पाने के लिए ही तो निवेश करते है।

कुछ निवेश विकल्प ऐसे होते है, जहा पर निवेश का रिटर्न (Interest) निश्चित होता है।

इसके लिए हमें 1 उनमे से कितना रिटर्न मिलेगा यह तो हम आसानी से जान सकते है।

लेकिन कुछ निवेश विकल्प में रिटर्न निश्चित नहीं होता उनमे से हम सीधा ही उसमे मिलने वाला रिटर्न नहीं जान सकते।

जैसे कोई व्यापार में निवेश करना।

जिस से हर साल कुछ पैसा तो मिलता है, लेकिन मिलने वाला रिटर्न निश्चित नहीं होता।

ऐसे में कैसे पता चले की की हमें उस व्यापार में निवेश करना चाहिए या नहीं ?

तो यह हम उस व्यापार के Internal Rate of Return की मदद से जान सकते है।

तो आइए जानते है की,

क्या होता है Internal Rate of Return ?


Internal Rate of Return का मतलब है, किसी व्यापार या निवेश से मिलने वाला रिटर्न।

जैसे हम जानते है की किसी व्यापार में निवेश करना चाहिए या नहीं यह जानने के लिए उसकी NPV का उपयोग किया जाता है।

उसी के साथ Internal Rate of Return का भी प्रयोग किया जाता है।

Internal Rate of Return को IRR भी कहा जाता है।

IRR वो रिटर्न है जो हमें किसी Project की NPV शून्य होने पर मिलता है।

यानी इस पर से कंपनी यह जानना चाहती है, की कंपनी अगर बिना कुछ कमाए किसी व्यवसाय को करे तो क्या उसके WACC जितना रिटर्न उसे मिल जाएगा।

कई बार कंपनिया अपना Market Share बढ़ाने के लिए कुछ Projects में सिर्फ उसके WACC जितने रिटर्न के लिए ही निवेश करती है।

WACC क्या है ?


WACC का मतलब है, कंपनी की Weighted Average Cost Of Capital .

Cost of Capital का मतलब है, कंपनी ने जुताई हुई Capital पर उसे जो रिटर्न के तौर पर देना है वह खर्च।

हम जानते है की कंपनी अपना दो तरीके Debt और Equity से जुटाती है।

अब Debt पर कंपनी जो ब्याज देती है, वही उसका Cost है।

और Equity के बदले में कंपनी के शेयर धारक उस से जो रिटर्न की आशा रखते है, वह उसके लिए Equity का Cost होगा।

जैसे Company A के पास कुल 100 करोड़ की Capital है।

इसमें से उसने 30 करोड़ 12 % के ब्याज पर जुटाए है।

और बाकी के 70 करोड़ Equity है, जिसमे निवेशकों के रिटर्न की आशा 8 % है।

ऐसे में कंपनी A के लिए


ऐसे में यह जानना बहुत ही जरुरी है की इस project में कंपनी को उसके WACC जितना रिटर्न तो मिल ही जाएगा ना।

यह बात कंपनी उन Projects के IRR से जानती है।

तो आइए हम एक उदाहरण से जानते है की IRR कैसे खोजा जाता है।

Internal Rate of Return के उदाहरण :


हमने जब NPV को समझा था उसी उदाहरण से हम IRR भी खोजेंगे।

उसमे हमने 5 लाख की गाड़ी खरीदकर उसे school के बच्चो को लाने और ले जाने का व्यवसाय करने के बारे में सोचा था।

जिस पर हमारा अनुमान पहले 4 साल तक 60 हज़ार, बाद के 5 साल का 80 हज़ार की कमाई का था।

और 9वे साल के बाद 1 लाख रुपए में वह गाड़ी बेचने का अनुमान लगाया था।

अब इस व्यापार से कितना रिटर्न मिलेगा यह हम NPV के formula में NPV की जगह पर शून्य (0) ले लेने से मिलता है।

ऐसा करने से हम निचे दिया गया equation मिलेगा।

जो की खुद से solve करना बहुत मुश्किल है।

इसी लिए हम Microsoft Excel में IRR के formula की मदद से इस तरह IRR खोजते है।


जो इस उदाहरण के लिए 15 % आया है।

इसी तरह कंपनियां भी व्यापार में मिलने वाले Cash Flow और उसको बेचने वाली राशि की मदद से उसका IRR खोजती है।

अगर IRR कम से कम कंपनी के WACC जितना मिलेगा तभी कंपनी उस व्यापार को करने के बारे में सोच सकती है।

निष्कर्ष :


दोस्तों आज हमने समझा Internal Rate of Return क्या है ? और कैसे उपयोगी है ?

उम्मीद करता हु आपको यह ठीक से समझ आ गया होगा।

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