Sunday, September 22, 2019

Price to Sales Ratio क्या है ? और कैसे उपयोगी है ?

Price to Sales Ratio.

दोस्तों इस से पहले हम कंपनी को मूल्यांकन करने के लिए उपयोगी PE Ratio के बारे में जान चुके है।

जो हमें बताता है की, कंपनी की 1 रुपए की Earnings पर बाज़ार उसके 1 शेयर को कितने रुपए दे रहा हे।

इस पर से हम अलग अलग कंपनीओ के मूल्यांकन के लिए उनके PE Ratio की तुलना करते थे।

लेकिन क्या हो अगर कंपनी अभी कुछ साल पहले ही शुरू हुई हो ? और वह अभी तक नुकसान में ही चल रही हो ?

ऐसे में तो उसका PE Ratio नहीं निकल सकता, तो उनका Valuation कैसे किया जाता है ?

आज हम उनके मूल्यांकन के लिए ही एक Ratio के बारे में जानेंगे।

और वह Ratio है, Price to Sales Ratio.

हम जानेंगे की Price to Sales Ratio क्या है ?, उसका Formula क्या है ? और उसके उपयोग से कंपनीओ का मूल्यांकन कैसे करे ?

तो आइए पहले जानते है की,

Price to Sales Ratio क्या है ?


Price to Sales Ratio हमें यह बताता है, की कंपनी की 1 रुपए की Sales पर बाज़ार उसके एक शेयर को कितना दाम दे रहा है।

यह Ratio हमे जो कंपनियां अभी कुछ साल पहले ही शुरू हुई है, और अभी नुकसान में है, उनका मूल्यांकन करने में उपयोगी है।

इस Ratio को कई बार P/S Ratio के नाम से भी जाना जाता है।

अब जानते है की,

Price to Sales Ratio का Formula क्या है ?


किसी भी कंपनी का Price to Sales Ratio निकालने के लिए हमें उसके शेयर के दाम को उसके Annual Sales Per Share निकालना पड़ेगा।

Annual Sales Per Share का मतलब है, कंपनी ने अपने 1 शेयर पर पुरे साल में कितनी Sales की।

उसके बाद हमें कंपनी के Share Price को उसके Annual Sales per Share से विभाजित करना पड़ेगा।

जिस से हमें उस कंपनी का Price to Sales Ratio मिल जाएगा।

इस के अलावा हम सीधा कंपनी के Market Capitalization को उसकी Annual Sales से विभाजित कर के भी P/S Ratio निकाल सकते है।

एक उदाहरण :


कंपनी A जिसने अपने 50 करोड़ शेयर जारी किए है, उसके 1 शेयर का दाम 100 रुपए है।

और पिछले साल उसकी कुल Sales 2500 करोड़ की थी।

अब उसका

Annual Sales per Share = (2500 करोड़ रुपए / 50 करोड़) 
                                         = 50 रुपए / शेयर

होगा।

और उसका Price to Sales Ratio = (100 / 50) = 2 होगा

यानी बाज़ार कंपनी A की 1 रुपए की Sales पर उसके 1 शेयर के 2 रुपए दे रहा है।

अब जानते है की,

उसके उपयोग से कंपनीओ का मूल्यांकन कैसे करे ?


दो समान Industry की कंपनीओ के Price to Sales Ratio की तुलना कर के हम उनका मूल्यांकन कर सकते है।

उदाहरण के तौर पर कंपनी B जो कंपनी A के जैसा ही काम करती है, उसका Price to Sales Ratio 5 है।

यह Ratio कंपनी A के Ratio से ज्यादा है।

यानी बाज़ार कंपनी B के शेयर को कंपनी A के शेयर से ज्यादा दाम दे रहा है।

ऐसे में अगर बाकी सभी स्थिति समान हो तो हम ऐसा कह सकते है, की कंपनी A का दाम सस्ता है।

और कंपनी B का दाम महंगा है।

इस तरह हम किसी भी दो समान व्यापार करने वाली कंपनीओ के इस Ratio की तुलना कर के उनका मूल्यांकन कर सकते है।

कुछ समस्याएँ :


इस Ratio से दो मुख्य समस्याए जुडी है।

1) क़र्ज़ नहीं देखा जाता :


Price to Sales Ratio में सिर्फ कंपनी की Sales को ही देखा जाता है, और कंपनीओ के क़र्ज़ को नहीं देखा जाता।

इस वजह से हो सकता है, की हम जिसे P/S Ratio के आधार पर सस्ती कह रहे है, उस पर ज्यादा P/S Ratio वाली कंपनी से ज्यादा हो।

जैसे हमें P/S Ratio के आधार पर देखा की कंपनी A सस्ती है।

लेकिन अगर ऐसा होता की कंपनी A पर 1000 करोड़ का क़र्ज़ होता और कंपनी B पर सिर्फ 100 करोड़ का होता तो ?

कौनसी कंपनी महंगी और कौनसी सस्ती होती ?

कंपनी B को ज्यादा P/S Ratio होने पर भी सस्ती कहते ना ?

2) Profit Margin भी नहीं देखा जाता :


P/S Ratio में कंपनीओ का Profit Margin भी नहीं देखा जाता यह भी एक समस्या है।

क्युकी जैसे हमने बात की अगर ऊपर की दोनों कंपनीओ में क़र्ज़ समान होता मगर कंपनी A का Profit Margin 15 % और कंपनी B का 40 % होता तो ?

तो हम किस कंपनी को सस्ता और किसको महंगा कहते ?

कंपनी A को महंगा और कंपनी B को ही सस्ता कहते ना ?

इस वजह से सिर्फ P/S Ratio के अनुसार किसी शेयर का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष :


दोस्तों आज हमने सीखा की Price to Sales Ratio क्या होता है ? उसका Formula तथा उसकी समस्याएँ क्या है ?

और उसके उपयोग से हम किसी कंपनी का मुल्यांकन कैसे कर सकते है ?

उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

शेयर बाज़ार , Mutual Funds और निवेश से जुडी ऐसी ही जानकारी अब पाए सीधा अपने Email पर वह भी Free में।

इसके लिए हमारे Free Weekly Newsletter को तुरंत ही Subscribe कर ले।

धन्यवाद।



Comments