Tuesday, September 24, 2019

Bonds Meaning in Hindi. Bonds क्या है ?

Bonds Meaning in Hindi

दोस्तों अब तक हम शेयर बाज़ार के बारे में और उसमे लिस्टेड कंपनीओ के बारे में बहुत कुछ जान चुके है।

हम यह जानते है, की कंपनियां अपनी जरुरत के पैसे जुटाने के लिए दो तरीके अपनाती है।

वह दो तरीके है, Equity यानी शेयर जारी कर के पैसे जुटाना और Debt यानी क़र्ज़ ले कर पैसे जुटाना।

Equity यानी शेयर के बारे में तो पहले ही जान चुके है।

और Debt में भी दो तरीके सामिल है, पहला है, बैंक से क़र्ज़ लेकर और दूसरा है, Bonds या Debentures इशू कर के।

इनमें से बैंक से क़र्ज़ लेने को तो आप जानते ही होंगे।

और Debentures के बारे में हमने पहले ही यहाँ पर बात की थी : Debentures क्या है ?

इस लिए आज हम Bonds के बारे में जानेंगे।

हम जानेंगे की
  • बॉन्ड्स क्या होते है ?
  • बॉन्ड्स किस प्रकार के होते है ?
  • और बॉन्ड्स में निवेश करने के नुकसान या लाभ क्या है ?
तो आइए पहले जानते है की ,

बॉन्ड्स क्या होते है ? (Bonds Meaning in Hindi)


Bonds भी debentures की तरह एक तरह के ऋणपत्र ही होते है।

जब भी सरकार को पैसो की जरुरत होती है, तब वह Public को Bonds जारी कर के उनसे पैसा जुटाती है।

इस पैसे के बदले में वह Public को एक निश्चित ब्याज देती है।

यह ब्याज वह हर साल या फिर bond की परिपक़्वता के वक्त भी ले सकते है।

आपने अपनी Fixed Deposit की Receipt को तो देखा ही होगा।

Bonds भी कुछ वैसे ही दीखते है।

बॉन्ड्स की शब्दावली :


1) Issuer :


जो कंपनी या सरकार बॉन्ड जारी कर के पैसा जुटाती है, उसे बॉन्ड Issuer कहा जाता है।

2) Holder :


जो व्यक्ति बॉन्ड खरीदती है, उसे बॉन्ड holder कहा जाता है।

3) Face Value :


Face Value बॉन्ड की किमत होती है, जो की उसके परिपक़्व होने पर उसके holder को मिलती है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी बॉन्ड की face value 100 रुपए है, तो उसके परिपक़्व होने पर उसके बदले में 100 रुपए मिलेंगे।

आप जितनी राशि का निवेश करेंगे उतनी राशि के बॉन्ड्स आपको मिलेंगे।

4) Yield :


Bond Yield का मतलब है, बॉन्ड खरीदने वाले को मिलने वाला रिटर्न।

5) Maturity date :


यह वो तारीख होती है, जिस दिन बॉन्ड परिपक़्व होता है।

यह सभी जानकारियां बॉन्ड्स पर लिखी होती है।

6) Coupon Rate :


Bond holder को जिस दर से ब्याज दिया जाएगा उसे Coupon Rate कहते है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी बॉन्ड का coupon rate 8 % है, तो उसे 8 % के दर से ब्याज दिया जाएगा।

अब हम जानते है की,

बॉन्ड्स के प्रकार क्या होते है ? (Types of Bonds) :


बॉन्ड्स के अलग अलग प्रकार कुछ इस तरह है।

1) Fixed Rate Bonds :


इस तरह के Bonds में holder को दिया जाने वाला ब्याज निश्चित ही होता है।

इस लिए इसे Fixed Rate Bonds कहते है।

2) Floating Rate Bonds :


इस तरह के Bonds में holder को निश्चित ब्याज नहीं मिलता बल्की हर साल यह ब्याज बाज़ार के अनुसार बदलता रहता है।

3) Inflation Rate Linked Bonds :


इस तरह के बॉन्ड्स में दिया जाने वाला ब्याज Inflation Rate से लिंक होता है।

यहाँ से पढ़े : Inflation क्या है ?

इनमे मिलने वाला रिटर्न Inflation Rate से थोड़ा ज्यादा होता है।

4) Tax Saver Bonds :


इस तरह के Bonds में निवेश करने पर Tax में छूट मिलती है।

अगर कोई व्यक्ति निश्चित ब्याज दर वाले निवेश पर कर छूट भी पाना चाहे तो वह इन bonds में निवेश कर सकता है।

5) Bearer Bonds :


इस तरह के bonds में किसी holder का नाम नहीं लिखा होता , जिस व्यक्ति के पास यह बॉन्ड है, वही इस बॉन्ड की राशि को पा सकता है।

6) Discount Bonds :


यह Bonds उसकी Face Value के बजाए उस से डिस्काउंट पर जारी किए जाते है।

लेकिन इसकी परिपक़्वता के वक्त bond holder को इसकी face value के अनुसार राशि मिलती है।

इस तरह इन दोनों के बिच की राशि का मुनाफा bond holder को मिलता है।

तो दोस्तों यह थे Bonds के कुछ प्रकार।

निष्कर्ष :


दोस्तों आज हमें सीखा की Bonds Meaning in Hindi क्या है ? और Bonds के प्रकार क्या होते है ?

उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

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