Thursday, August 29, 2019

Retained Earnings का मतलब क्या होता है ?

Retained Earnings

इस से पहले हम Fundamental Analysis में बहुत सी चीज़ो के बारे में जान चुके है।

आज हम ऐसी ही एक और चीज़ के बारे में जानेंगे।

और इस चीज़ का नाम है, Retained Earnings.


Retained Earnings क्या है ?



जैसे हम अपने व्यापार या नौकरी में से आई हुई राशि में से अपने खर्च कर के बाकी बची राशि में से कुछ राशि बचाते है। 

जीस से हम भविष्य में आने वाली कोई मुसीबत या फिर कोई निजी खर्च के वक्त उपयोग करते है। 

उसी तरह कंपनियां भी अपने शुद्ध मुनाफे यानि की Net Comprehensive Income में से शेयर धारकों को Dividend देती है। 

फिर अगर कोई Debentures या Preference शेयर जारी किए है, तो Preference Dividend या Interest देती है। 

और आखिर में जो राशि बचती है, उसे वह अपने पास बचा कर रखती है। 

जिसको वह अगले साल में उपयोग करती है। 

इसी राशि को Retained Earnings कहा जाता है।


कंपनी Retained Earnings क्यु रखती है ?


कोई भी कंपनी अपने पास कुछ न कुछ राशि Retained Earnings के रूप में रखती है।

इसके मुख्य दो लाभ होते है :

1) Working Capital के लिए पैसा जुटाना नहीं पड़ता :


कंपनीओ का Retained Earnings को रखने का सबसे बड़ा कारण यही है, की अगले साल के Operations के लिए नया पैसा जुटाना नहीं पड़ता। 

क्युकी इस साल अच्छे से व्यापार करने के बाद फिर से आने वाले साल में उसे व्यापार तो करना ही है, तो पैसो की तो जरुरत होगी ही। 

तब फिर से पैसो को किसी जगह से जुटाना पड़ेगा और उन पर ब्याज या Dividend देना पड़ेगा। 

इस से अच्छा जो राशि जमा हुई है, उसी से व्यापार को चलाया जाए जिस से कंपनी को ब्याज देना न पड़े। 

यह वही बात है, की आपके व्यापर में से आए आपके मुनाफे में से कुछ राशि अपने पास रख कर बाकि की राशि को फिर से व्यापार में लगा देना।


2) भविष्य में अगर व्यापर में कोई नुकसान हो तो उसकी भरपाई हो जाए :


Retained Earnings का दूसरा लाभ यह भी है, की अगर आने वाले साल में कंपनी के व्यापार में Loss हुआ तो भी कंपनी अपना व्यापार तो चालू रख सके।

क्युकी ऐसा हो सकता है, की नुकसान के कारण उस साल कंपनी के पास पैसा ही न आए।

तो ऐसे में Retained Earnings का उपयोग कर के व्यापार को चालू रखा जा सकता है।


Retained Earnings की Entry कहा की जाती है ?


एक निवेशक के तौर पर हमारे लिए यह जानना बहुत जरुरी है, की Retained Earnings की Entry कहा होती है।

तो यह जान ले की Retained Earnings को कंपनी के Reserves and Surplus में जोड़ा जाता है।

और Reserves and Surplus तो Balance Sheet में Equity के साथ लिखे जाते है।

इस लिए Retained Earnings की Entry भी कंपनी की Balance Sheet में ही की जाती है।

हा लेकिन यह सीधा ही किसी Balance Sheet में शायद नहीं मिलेगी लेकिन Other Equity या फिर Reserves & Surplus के सामने दी गई Notes में मिल जाएगी।

जैसे यहाँ पर हम D'Mart की Balance Sheet में Retained Earnings की Entry Note no 16 में से देख सकते है।


तो दोस्तों यह थी छोटी से जानकारी Retained Earnings के बारे में।

उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित हुई होगी।

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