Provision Meaning in Hindi - प्रोविज़न क्या है ?

Provision Meaning in Hindi
इससे पहले हम D'Mart के उदाहरण से Balance Sheet के बारे में जाना था।

तब हमने provision के बारे में थोड़ी बात की थी।

लेकीन आज हम provision के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Provision क्या है ? (Provision Meaning in Hindi)


यदी मे कहु की आप शायद provision का मतलब नहीं जानते लेकीन हर महीने provision करते जरूर है, तो ? 

अगर आप एक नौकरी करने वाले व्यक्ति है, तो निश्चित तौर पर आप हर महीने आपकी तनख्वाह मे से अपने घर के निश्चित खर्च के लिए कुछ पैसा अलग रखते ही होंगे ना ?

जैसे कुछ पैसा बिजली के बिल के लिए, कुछ किराना और सब्ज़ी के लिए और एसे ही कुछ अन्य खर्च के लिए भी अलग रखते होंगे।

तो बस उसी को तो provisions कहते है।  Provision Meaning in Hindi
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क्यूकी provision का मतलब ही है,भविष्य मे होने वाले कुछ निश्चित खर्च के लिए अपनी आय मे से अनुमानीत राशि को अलग रख देना।

जैसे आपको पता है, की आपके घर का बिजली का बिल अमूमन 2000 रुपए आता है, तो आपने महीने की शुरुआत मे ही अपनी तनख्वाह मे से 2000 रुपए बिजली के बिल के लिए अलग ही रख दिए।

तो वह 2000 रुपए आपके बिजली के बिल का provision हो गया। 

ध्यान दे की यहा एसा जरूरी नहीं है, की आपने किसी खर्च के लिए जीतने रुपए के provisions रखे है वह खर्च उतने ही हो। 

जैसे आपके घर की बिजली का बिल इस महीने निश्चित तौर पर 2000 ही आएगा ऐसा तो नहीं कह सकते। 

उसमे थोड़ा कम ज्यादा हो सकता है, लेकीन provision का मक्सद निश्चित खर्च के लीए पैसा अलग रखना होता है, नाकी वह खर्च निश्चित तौर पर कितना होगा उसका 100 % अनुमान लगाना।  

जैसे हम अपने खर्च के लिए provisioning करते है, इसी तरह कंपनियो के भी कुछ निश्चित खर्च होते है, जीस के लिए वह भी provisioning करते है।

कंपनी मे Provision किन किन चीज़ो के लिए रखे जाते है ?


Provision बहुत सी अलग अलग चीज़ो के लिए रखे जाते है ,

1) Guarantee :


अगर कंपनी अपनी कोई products पर कोई guarantee देती है और जिसमे से कोई product को बदलने का claim आता है, तो इस के लिए provision किया जाता है।

यहा पर भी कुल कितनी राशि का खर्च होगा यह तो निश्चित नहीं होता। क्युकी हर साल में कितने claim आएँगे ऐसा तो कोई नहीं कह सकता।

इसीलिए एक अनुमानित राशि का provision कर दिया जाता है। 

2) Deferred Tax :


Deferred Tax के बारे में हम जान चुके है।

कंपनियां अपने deferred tax के लिए भी कुछ पैसा खर्च के तौर पर मुनाफे में से काट लेती है।

इस तरह वह deferred tax के लिए भी provision करते है।

जिसे provision for deferred tax कहा जाता है। 

3) Pension :


कंपनिया अपने कर्मचारीओ को दिए जाने वाले Pension जो कंपनी के लिए एक निश्चित खर्च है, उसके लिए भी provision कर सकती है।

4) Bad Debt :


अगर कंपनी कोई Bank या NBFC है, तो वह अपने द्वारा दी गई कुछ Bad Debt जिसका पैसा वापस आना मुश्किल लग रहा हो उसके लिए भी provision करती है।

जैसे अगर किसी बैंक ने किसी एक कंपनी को क़र्ज़ दिया, पहले कुछ सालो तक तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन अब उस कंपनी की स्थिति को देखकर बैंक को ऐसा संदेह हो रहा है, की शायद उन्हें वह कंपनी से पैसा वापस नहीं मिलेगा। 

ऐसी स्थिति में वह बैंक उस क़र्ज़ का provision करती है, जिसे provision for bad debt कहा जाता है। 

Provision और Reserves मे फर्क :


Provision हमारे द्वारा रखे जाने वाले reserves से अलग है।

Reserves वह बचत की तरह है, जिसे हम सभी खर्च को काटने के बाद पैसा बचने पर भविष्य के किसी अनिश्चित खर्च के लिए रखते है।

जबकी provision को हम सीधा खर्च के तौर पर ही काट लेते है।

इस लिए हम चाहे नुकसान में भी क्यु न हो provision तो करना ही पड़ता है।

जैसे हमने पहले वाले उदाहरण मे जाना की आपका बिजली का बिल 2000 रुपए है, जो की एक निश्चित खर्च है, और उसका पैसा आपने अपनी आय मे से ही काट कर अलग रख दिया। 

लेकीन अगर आपकी तनख्वाह 30000 रुपए है और आपके कुल खर्च 20000 रुपए है, तो आपकी बचत 10000 रुपए की हो गई जिसको आप अपने बैंक खाते मे या फिर और कही निवेश कर देते है, तो उसे reserves कहते है। 

और अगर किसी महीने आपकी तनख्वाह कम आई तो आप उस महीने reserves मे कुछ पैसा नहीं रख पाए तो चल जाएगा लेकीन बिजली का बिल तो आपको चुकाना ही पड़ेगा। 

इस तरह provisions के लिए पैसा आप अपनी आय मे से खर्च के तौर पर ही काट लेते है, जबकी अगर आपके सारे खर्च काटने के बाद आपके पास कुछ पैसा बचेगा तभी आप reserves मे पैसा रख सकते है।  

अब जानते है की, 

Provision की Entry कहा की जाती है ?


जैसे हमने ऊपर समजा की provisions को कंपनी की income मे से खर्च के तौर पर काट लेना पड़ता है, तो उसकी एक entry तो company के Income Statement (P&L Statement) मे होगी। 

और उसकी दूसरी entry कंपनी की balance sheet मे होगी। 

जैसे DMart के उदाहरण में हमने provisions को उसकी balance Sheet में देखा था।

Provision के लाभ और नुकसान :

लाभ :

Provision का सबसे बड़ा लाभ यह है की, भविष्य में आने वाले निश्चित खर्च या देनदारी के लिए पहले से ही तैयार हो जाते है। 

नुकसान :

Provision का सबसे बड़ा नुकसान यह है, की कंपनी चाहे मुनाफे में हो या फिर नुकसान में उसको भविष्य के संभवित खर्चो के लिए  


निष्कर्ष :

तो दोस्तों आज हमने सीखा की Provisions क्या होते है ? (Provision Meaning in Hindi) और उसकी entry कहा की जाती है ?

उम्मीद करता हु आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित हुई होगी।

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