Saturday, August 17, 2019

Deferred Tax Asset को उदाहरण से समझे।

Deferred Tax Asset.

इस से पहले हम D'Mart के उदाहरण से Profit & Loss Statement को समझ चुके है।

तब हमने एक शब्द के बारे में सुना था वह था Deferred Tax Asset .

आज हम उसी के बारे में जानेंगे और उसे एक उदाहरण से समझेंगे।

लेकिन इस से पहले समझ लेते है की

Deferred Tax क्या है ?


Deferred Tax का मतलब है, Delayed Tax यानी बाकि बचा हुआ Tax.

यानी वह Tax जो अभी चुकाना बाकि है या फिर पहले से ही चूका दिया है।

कुछ संजोगो में कंपनियां अपनी कमाई पर जो Tax चुकाती है, और उसके मुनाफे के अनुसार जितना Tax उन्हें लगना चाहिए उसमे difference होता है।

यानी कंपनी के मुनाफे के अनुसार तो उसे Tax चुकाना चाहिए 100 रुपए लेकिन वह Tax चुकाती है, 110 रुपए या 80 रुपए।

इन दोनों के बिच के अंतर को ही Deferred Tax कहते है।

(अगर आपको समझ में न आया हो तो चिंता न करे आगे दिए उदाहरण से सब कुछ समझ आ जाएगा। )

यह अंतर की वजह है, Accounting Rules और Tax Rules के बिच का Difference.

Deferred Tax Asset उदाहरण :


उदाहरण के तौर पर कंपनी A के लिए उसकी आय 20 करोड़ , सभी खर्च है, 5 करोड़ के यानी उसका Profit है 15 करोड़ का।

यानी उसे 30 % के दर से 4.5 करोड़ का Tax चुकाना बनता है।

लेकिन उसने दिखाए हुए 5 करोड़ के खर्च में 50 लाख रुपए अपने कर्मचारीओ को अगले साल bonus देने का खर्च जोड़ा है।

अब यह खर्च उसने अभी तक किया नहीं है, लेकिन आने वाले साल में करने के लिए इतनी राशि को अलग रख दिया है।

जो की गलत नहीं है।

लेकिन Income Tax के Rules के अनुसार जिस साल जो खर्च हकीकत में किया जाए उसी को खर्च के तौर पर उसकी आय में से घटा सकते है।

मतलब जो 50 लाख रुपए कंपनी ने खर्च के तौर पर दिखाए है, उस पर भी कंपनी को इस साल Tax देना पड़ेगा।

और अगले साल जब वह सचमे वो खर्च करेगी तब वह उस खर्च को आय में से घटा कर उतना Tax बचा सकती है।

इस लिए Income Tax के rules के अनुसार कंपनी को इस साल 15 करोड़ पर नहीं 15.5 करोड़ पर Tax चुकाना है।

यानी कंपनी A को 4.65 करोड़ का Tax चुकाना है, जब की सच में उसका Tax 4.5 करोड़ का ही बनता है।

इन दोनों के बिच 15 लाख रुपए का यह Difference Accounting Rules और Income Tax rules के बिच के अंतर की वजह से आता है।

और इसी Tax के Difference को Deferred Tax कहते है।

जैसे कंपनी A ने इस साल 15 लाख रुपए ज्यादा Tax दिया है, इस लिए उसे Deferred Tax Asset कहेंगे।

Asset इस लिए क्युकी कंपनी को आने वाले साल में उतनी राशि का Tax कम भरना पड़ेगा।

जैसे Prepaid Expenses को Asset कहते है, बिलकुल वैसे ही।

Deferred Tax liabilities :


अब यह जरुरी नहीं है, की हर बार कंपनी को ज्यादा Tax ही भरना पड़े।

कुछ संजोगो में कंपनी को कम Tax भी देना पड़ सकता है।

इस संजोगो में वास्तविक Tax और चुकाए गए Tax के difference को Deferred Tax Liabilities कहेंगे।

जैसे कंपनी B का इस साल का Tax सच में बनता है, 7 करोड़ लेकिन Income Tax के rules के अनुसार उसने सिर्फ 6 करोड़ का Tax ही चुकाया।

तो उस 1 करोड़ के अंतर को Deferred Tax liabilities कहेंगे।

ऐसा नहीं है, की वह Tax उसे नहीं चुकाना है।

बाकि का Tax यानी Deferred Tax Liabilities तो उसे चुकानी ही है, लेकिन वह अगले साल चुकानी है।

Deferred Tax Liabilities और Deferred Tax Asset की Entry :


जब हमने D'Mart के उदाहरण से Profit & Loss Statement को समझा था तब हमने Deferred Tax Asset की Entry देखि थी।

यह राशि D'Mart के लिए 544 लाख यानी 5.44 करोड़ की थी।



अब वह राशि Asset होने का मतलब है, उसने उतनी राशि का Tax पिछले वित्तीय वर्ष में ही चूका दिया था।

इस लिए उतनी राशि जितना Tax वित्तीय वर्ष 2018 में उसे कम चुकाना था।

जो की Profit Before Tax के बाद Tax Payable में से घटाई गई है।

अब अगर Dmart के लिए वह राशि Deferred Tax Asset के बदले Deferred Tax Liabilities होता तो ?

तो फिर उतनी राशि का Tax उसे वित्तीय वर्ष 2018 में ज्यादा चुकाना पड़ता।

और उतना Tax , Tax Payable में जोड़ दिया जाता।

जीस से पिछले साल की Deferred Tax Liabilities इस साल ख़त्म हो जाती।

इस तरह किसी भी कंपनी के लिए Deferred Tax Asset या Deferred Tax Liabilities की Entry की जाती है।

जिसको आप उसके Profit & Loss Statement में से देख सकते है।

निष्कर्ष :


तो इस जानकारी से हमने यह सीखा की Accounting और Taxation rules के अंतर की वजह से कंपनी के वास्तविक Tax और चुकाए हुए Tax में अंतर होता है।

अब अगर वह अंतर Positive हुआ यानी कंपनी ने ज्यादा Tax चुकाया तो उसे Deferred Tax Asset कहेंगे।

और अगर यह अंतर Negative हुआ यानी कंपनी ने कम Tax चुकाया तो उसे Deferred Tax Liabilities कहेंगे।

तो दोस्तों यह थी Deferred Tax Asset और Liabilities के बारे में जानकारी।

उम्मीद करता हु यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

हालाकि इन दोनों को समझना थोड़ा Confusing है, लेकिन एक दो बार ठीक से पढ़ने पर आपको समझ में आ जाएगा।

अगर न आए तो आप हमें Comment में इसके बारे में पूछ सकते है।

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