Shares Meaning in Hindi - शेयर का मतलब क्या होता है ?

दोस्तो ज़्यादातर लोग जानते है की, शेयर बाज़ार ही लंबे समय मे सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प है।

इसी लिए अगर कोई व्यक्ति लंबे समय मे अच्छा रिटर्न पाना चाहता है, तो शेयर बाज़ार मे अपना निवेश कर सकता है। 

लेकीन निवेश से पहले आपको शेयर का मतलब क्या होता है? (Shares Meaning in Hindi) यह समज़ लेना चाहिए। 

तो आज हम जानेंगे की,


शेयर क्या होते है ? (Shares Meaning in Hindi)


Share का बहुत सरल मतलब है एक हिस्सा।

जैसे सोचिए की आपने अपने घर मे एक पिज्जा मंगवाया और आपके परिवार मे चार सदस्य है, तो अपने उस पिज्जा के चार टुकड़े किए।  सभी सदस्यो के लिए एक एक हिस्सा यानि एक एक share. 

शेयर बाज़ार के शेयर भी इसी तरह के हिस्से ही होते है।

लेकिन वह किसी कंपनी के मालिकाना हक के हिस्से होते है। 

जैसे आपका घर आपके नाम है यह प्रमाणित करने के लिए आपके घर के दस्तावेज़ होते है। 

ठीक वैसे ही शेयर भी एक प्रमाण पत्र के रूप मे किसी कंपनी के मालिकाना हक के बहुत छोटे से हिस्से के रूप मे खरीदे और बेचे जाते थे।


शेयर के प्रकार :


वैसे तो शेयर के कई प्रकार होते है लेकिन मुख्य रूप से शेयर के दो प्रकार है : प्रेफरेंस शेयर और सामान्य शेयर


1) प्रेफरेंस शेयर क्या है ? (Preference Shares Meaning in hindi):

प्रेफरेंस शेयर धारक के पास अधिकार है की वो कंपनी के बंध होने के समय सामान्य शेयर धारक से पहले अपने शेयर के पैसे कंपनी से वापस ले सके।

2) सामान्य शेयर क्या है ? (Common Shares Meaning in Hindi) :

जो शेयर, शेयर बाजार में ख़रीदे और बेचे जाते है उन्हें सामान्य या फिर इक्विटी शेयर कहा जाता है।

इन शेयर धारको को कंपनी के बंध होने के समय पर सबसे आखिर में अगर कंपनी के पास कुछ पैसा बचे तो ही इनके शेयर का पैसा मिलता है।


सामान्य शेयर धारक के अधिकार : 

  • समान्य शेयर धारक अपने शेयर कभी भी और किसी को भी शेयर बाजार में बेच सकता है, जबकी प्रेफरेंस शेयर धारक अपने शेयर निश्चित अवधि से पहले नहीं बेच सकता।
  • अगर कंपनी डिविडंड दे तो सामान्य शेयर धारक के पास यह अधिकार है की वह डिविडंड प्राप्त करे।
  • सामान्य शेयर धारक को शेयर धारको की मुलाकात में कंपनी पर लिए जाने वाले फैसलो में अपने शेयर की संख्या के अनुसार वोट देने का अधिकार है। 

डिमैट स्वरूप मे शेयर : 


जैसे हमने जाना की शेयर पहले तो एक कागज़ के प्रमाण पत्र के रूप मे खरीदे और बेचे जाते थे। 

एक शेयर का एक प्रमाण पत्र होता था , यानी अगर आपके पास किसी कंपनी के 1000 शेयर है, तो आपको उसके 1000 प्रमाण पत्र मिलेंगे जिसको आपको संभाल कर रखना पड़ता था। 

इतने सारे प्रमाण पत्र को सांभालना और अगर आपको उन्हे बेचना होता तो आपको अपने साथ उन शेयरो को ले कर जाना पड़ता था, जो की बहुत मुश्किल भरा और ज्यादा समय लेने वाला काम था। 

लेकिन पिछले कुछ सालो मे अच्छे तकनीकी विकास होने से अब शेयर को एक कागज़ के प्रमाण पत्र के रूप मे नहीं परंतु डिमैट स्वरूप मे खरीदा और बेचा जाता है। 

इन शेयरो को आपके डिमैट खाते मे रखा जाता है, जैसे आपके बैंक खाते मे आपका पैसा (बैंक बैलेन्स के रूप मे) होता है, कुछ उसी तरह यह शेयर डिमैट स्वरूप मे आपके डिमैट खाते मे रखे जाते है, जहा पर आप इन्हे सालो तक रख सकते है।  

इसके बारे मे आगे बात कर ते है, लेकिन पहले जान लेते है की, 


कोई किसी कंपनी का शेयर क्यू खरीदेगा ?


किसी कंपनी का शेयर खरीदने पर आप उस कंपनी के शेयर धारक बन जाते है। शेयर धारक बनने पर आपको दो प्रकार से लाभ हो सकते है, 
  • अगर कंपनी भविष्य मे अच्छा व्यापार करेगी तो उस कंपनी के शेयर के दाम बढ़ेंगे जीस से आपके द्वारा खरीदे गए शेयर को आप महंगे दाम मे बेच कर मुनाफा कमा सकते है। 
  • शेयर खरीदने का दूसरा लाभ यह है, की अगर कंपनी चाहे तो समय समय पर अपने शेयर धारको को डिविडंड के रूप मे कुछ न कुछ पैसा दे सकती है। तो अगर आप उस कंपनी के शेयर धारक है, तो आपको भी वह डिविडंड मिल सकता है। 
अगर आप ने सही कंपनी मे सही दाम पर शेयर खरीदे और लंबे समय तक उन मे निवेशित रहे तो आपको कई गुना रिटर्न मिल सकता है। 


सबसे सफल निवेशक वारेन बफेट का नाम तो अपने सुना ही होगा उन्होने शेयर बाज़ार से करोड़ो रुपए कमाए है।

भारत मे भी इसी तरह कई एसे लोग है, जिनहोने शेयर बाज़ार मे निवेश कर के ही करोड़ो रुपए कमाए है, जिसमे राकेश जुंजुनवाला, राधाकिशन दामानी जैसे कई लोग सामील है। 
इन सब की तरह आप भी चाहे तो शेयर खरीद कर शेयर बाज़ार मे निवेश कर सकते है।

शेयर को कैसे खरीद और बेच सकते है ? 


अगर कोई शेयर खरीद कर शेयर बाज़ार मे निवेश करना चाहता है, तो उसे तीन प्रकार के खातो की जरूरत होती है, 
जिस मे से बैंक खाता तो ज़्यादातर लोगो के पास होता ही है।

बाकी रहे डिमैट खाता और ट्रेडिंग खाता तो आप Upstox जैसे किसी अच्छे डिस्काउंट ब्रोकर के पास खुलवा सकते है। 

जिस से आपका निवेश करने पर तो ब्रोकरेज शून्य (zero) ही लगेगा और अगर आप उसमे इंट्राडे ट्रेडिंग करते है, तो भी आपको सिर्फ कुल टर्नओवर के 0.05 % या फिर 20 प्रति ऑर्डर इन मे से जो कम है वही लगेगा।


और वैसे भी अभी Upstox मे ऑफर चल रहा है, जिसके तहत जिसमे आपको 1500 से unlimited तक की ब्रोकरेज क्रेडिट मिलेगी । 

डिमेट और ट्रेडिंग खाते के साथ आपको अपना बैंक खाता जोड़ना पड़ेगा जिस से की आप उसमे से निवेश के लिए पैसा ट्रान्सफर कर पाए। इसके लिए आपको डिमैट और ट्रेडिंग खाता खुलवाते समय आपकी बैंक की जानकारी मांगी जाएगी। 

जैसे ही आपका डिमैट और ट्रेडिंग खाता खुल जाता है, तो उसके बाद आप अपने बैंक खाते से अपने ट्रेडिंग खाते मे पैसा ट्रान्सफर कर के किसी कंपनी के शेयर को खरीद सकते है। 


शेयर खरीद ने के 2 दिन बाद आपके डिमैट खाते मे उस कंपनी के शेयर आ जाएंगे।

जिसे आप चाहे तो कुछ दिन मे बेच सकते है, या फिर सालो तक निवेश कर के रख सकते है। 

तो दोस्तो अब आप जान गए होंगे की शेयर क्या होते है ? (Shares Meaning in Hindi). अगर आप शेयर को कैसे चयन करे यह सीखना चाहते है, तो आप को Fundamental Analysis सीखना होगा। 

आप हमारी Fundamental Analysis in Hindi की सिरीज़ मे जा कर सीख सकते है। 



Leave Your Comments Here :


Comments