Saturday, July 13, 2019

Primary Market और Secondary Market क्या है ?

Primary Market और Secondary Market क्या है ?

अब तक हम शेयर बाजार यानी Stock Exchange के बारे में तो जान चुके है।

अगर आप नहीं जानते तो यहाँ से पढ़ सकते है : Share Market क्या है ?

शेयर बाजार के द्वारा कंपनिया पैसा जुटाती है।

और उन पैसो को अपना व्यापार बढ़ाने में लगाती है।

लेकिन हम जो शेयर Stock Exchange के द्वारा खरीदते है, उसे हम सीधे कंपनी से नहीं खरीदते है।

बल्कि हम दूसरे निवेशकों से खरीदते है।

और इस बाज़ार में सिर्फ निवेशकों के बिच में ही शेयर की खरीद बिक्री होती है।

कंपनिया इन खरीद बिक्री में सीधे शामिल नहीं होती।

यानी अगर आज आपने D'Mart का शेयर Stock Exchange से खरीदा, तो आपको शेयर सीधा कंपनी ने नहीं बेचा।

बल्कि दूसरे निवेशक ने वह शेयर आपको बेचा होता है।

इस खरीद बिक्री में D'Mart कंपनी कही शामिल नहीं हुई।

तो फिर आप जरूर जान ना चाहेंगे की कंपनियां कहा पर अपने शेयर बेचती है ?

इसका जवाब है, Primary Market .

Capital Market यानी पूँजी बाज़ार के दो भाग है , Primary Market और Secondary Market.


Primary Market :



कंपनियां इस मार्केट में अलग अलग इशू लाकर अपने लिए पैसा जुटाती है।

जिसमे कंपनिया अपनी कंपनी के Public Issue और Rights Issue जैसे issue लाती है।

उन Issue के लिए निवेशक आवेदन करते है।

तब उन निवेशकों को कंपनिया अपने शेयर एक निश्चित दाम पर बेचती है।

इस तरह कंपनीओ को अपने लिए पैसा मिल जाता है, और निवेशकों का उन कंपनीओ में निवेश हो जाता है।

Public Issue (IPO) :


जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर लोगो को बेचती है, उस Issue को Initial Public Offering (IPO) कहा जाता है।

इस IPO में शेयर का दाम कंपनी द्वारा निश्चित किया जाता है।

और निश्चित किये हुए दाम पर वह अपने शेयर निवेशकों के आवेदन के अनुसार उनको बेचती है।

इस तरह कंपनी IPO के द्वारा अपने लिए पैसा जुटाती है।

IPO के बारे में विगतवार जानकारी आप यहाँ से ले सकते है : IPO में निवेश।

Rights Issue :


जब किसी कंपनी को IPO आने के बाद भी पैसो की जरुरत होती है, तब वह rights issue के द्वारा पैसा जुटाती है।

Rights का मतलब ही है, अधिकार।

यानी कंपनी के शेयर धारको के पास यह अधिकार है, की वह Rights issue में से शेयर खरीद सके।

इस तरह कंपनिया Rights issue के द्वारा किसी और निवेशकों के बदले सिर्फ अपने शेयर धारको को शेयर बेचती है।

इस Rights issue में कंपनिया अपने शेयर स्टॉक एक्सचेंज में उस शेयर के दाम से कम दाम पर बेचती है।

Rights issue का उदाहरण :


उदहारण के तौर पर श्रीमान चेतन के पास ABC कंपनी के 100 शेयर 100 रुपए के दाम से ख़रीदे हुए है।

अब कंपनी ABC 3:5 के अनुपात में Rights Issue लाती है।

यह Rights issue 70 रुपए प्रति शेयर के दाम पर लाया जाता है।

इसका मतलब है, की अब श्रीमान चेतन अपने ABC कंपनी के प्रत्येक 5 शेयर पर और 3 शेयर 70 रुपए प्रति शेयर में खरीद सकते है।

अब श्रीमान चेतन जी इस Rights Issue के द्वारा शेयर खरीदते है।

तो उनकी पहले की और बाद की स्थिति कुछ इस तरह होगी।

Rights issue से पहले श्रीमान चेतन का निवेश 100 रुपए प्रति शेयर से 100 शेयर = 10000 रुपए।

अब Rights Issue में 3:5 के अनुसार शेयर खरीदने का अधिकार = (100 x 3 ) / 5 = 60 शेयर।

एक शेयर खरीदने का दाम = 70 रुपए

rights issue में किया हुआ निवेश 60 शेयर x 70 रुपए = 4200 रुपए

issue के बाद कुल शेयर = 100 + 60 = 160.

कुल निवेश की गई राशि = 10000 + 4200 = 14200 रुपए।

अब प्रत्येक शेयर का दाम = 14200 / 160 = 88.75 रुपए।

इस तरह श्रीमान चेतन को 100 रुपए के शेयर 70 रुपए में मिलने से सभी शेयर का दाम 88.75 रुपए हो जाएगा।
और अगर वो चाहे तो उन शेयर को शेयर बाजार में बेच कर मुनाफा कमा सकते है।

[ सावधानी :  rights issue के द्वारा शेयर खरीदने से निवेशक को नुकसान भी हो सकता है।

क्युकी शेयर बाजार में rights issue की खबर से शेयर का दाम कम हो सकता है।

यहाँ दी गई जानकारी सिर्फ आपको समझाने के लिए ही है। में किसी भी  कंपनी में निवेश की सलाह नहीं दे रहा हु।  ]

इस तरह कंपनिया rights issue से भी कंपनी पैसा जुटाती है।

Secondary Market :


Secondary Market वो मार्केट है जिसके बारे में पहले ही हमने बात की।

जिस में स्टॉक एक्सचेंज के द्वारा निवेशकों के बिच में शेयर की खरीद बिक्री होती है।

तो दोस्तों यह थी Primary और Secondary market के बारे में जानकारी। उम्मीद करता हु आप इसके बारे में समझ गए होंगे।

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