Tuesday, July 23, 2019

Earning Per Share Meaning - EPS क्या है?

Earning Per Share या EPS क्या है ?

इस से पहले हमने Book Value , Book Value Per Share और Price to Book ratio के बारे में जाना था।

आज हम Earning Per Share यानि EPS, उसके प्रकार के बारे में जानेंगे।


और जानेंगे की कैसे हम किसी कंपनी का EPS निकाल सकते है ?

जिसको हमने Profit & Loss Statement के बारे में समझते वक्त बाकि रखा था।

क्या है Earning Per Share या EPS ?


अपने नाम की तरह ही Earning Per Share कंपनी के एक शेयर पर उस की कमाई है।

यानि अगर कंपनी के 100 करोड़ शेयर , बाजार में है, तो उसके प्रति शेयर कंपनी कितना पैसा कमाती है।

इसे EPS के नाम से भी जाना जाता है।

EPS से हम यह अनुमान भी लगा सकते है, की हमें अपने निवेश किए गए पैसो पर कितना रिटर्न कितने समय में मिलेगा।

जैसे अगर किसी कंपनी के लिए EPS 5 रुपए है, और वह कंपनी का एक शेयर 25 रुपए का है, तो हम यह अनुमान लगा सकते है, की उस में निवेश पर हमें 20 % सालाना रिटर्न मिल सकता है।

क्युकी जो चीज़ आप 25 रुपए में खरीद रहे है, वह आपको हर साल 5 रुपए कमा के दे सकती है।

इस लिए 5 / 25 = 0.2 x 100 = 20 % सालाना।

मतलब हर पांच साल में आपका पैसा दोगुना हो सकता है।

हा लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रखे की यह EPS कभी भी 100 % निश्चित नहीं रहता।

क्युकी यह कंपनी की कमाई है, जो अलग अलग परिस्थिति में बदलती रहती है।

Types of EPS :


Earning Per Share यानि EPS दो प्रकार के होते है।

1) Basic Earning Per Share (Basic EPS) :


Basic EPS कंपनी का वो EPS है, जिसके लिए हम कंपनी के बाजार में जारी किए गए शेयर की कमाई देखते है।

यानि की जो हम सामान्य EPS निकालते है, वही है Basic EPS .

दूसरा प्रकार है,

2) Diluted Earning Per Share (Diluted EPS) :


कुछ स्थिति में कंपनी के बाजार में शेयर अचानक बढ़ सकते है।

जैसे अगर कंपनी ने अपने Employees को Stock Options दे रखे है, या अगर कंपनी ने कोई Convertible Preference Share Issue किए हो।

या फिर कंपनी ने कोई Convertible Debentures issue किए हो तब ऐसा हो सकता है।

i) Employee Stock Options :


कंपनियां अपने कुछ सीनियर Employees को एक Stock Option देती है।

जिसमे अगर वह Employees चाहे तो कंपनी के शेयर को बाज़ार से बहुत कम दाम पर कंपनी से खरीद सकते है।

जैसे कंपनी ABC का शेयर का दाम 100 रुपए है और उसने अपने कुछ Employees को कुछ साल पहले नए शेयर 50 रुपए में जारी कर के देने का विकल्प दिया था।

और अब अगर Employee चाहे तो कंपनी द्वारा नए शेयर उसे 50 रुपए में मिल सकते है।

जिस से Employees को 100 रुपए के शेयर 50 रुपए में मिल सकते है।

ऐसे में बहुत से Employee इस तरह कंपनी से नए शेयर जारी करवा के खरीद सकते है, और बाजार में बेच सकते है।

अगर ऐसा होता है, तो बाजार में कंपनी के शेयर की संख्या बढ़ जाएगी।

जिस से प्रत्येक शेयर की कमाई कम हो सकती है।

ii) Convertible Preference Share :


हमने शेयर बाजार की जानकारी लेते वक्त जाना था की शेयर मुख्य दो प्रकार के होते है : Equity Share और Preference Shares .

वैसे तो Preference Share , शेयर बाज़ार में नहीं बेच सकते लेकिन अगर वह Preferance Shares Convertible हुए तो उसे निश्चित संख्या के Equity share में बदला जा सकता है।

अगर Preference शेयर धारक उसके Preference Shares को Equity Share में Convert करेंगे तब भी शेयर बाजार में कंपनी के शेयर बढ़ जाएंगे।

इस स्थिति में भी प्रत्येक शेयर की कमाई कम हो सकती है।

iii) Convertible Debentures :


हम इस से पहले Debentures के बारे में जान चुके है।

तब हमने Convertible Debentures की भी बात की थी।

अब अगर किसी कंपनी ने अपने Convertible Debentures जारी किए है, तब निश्चित समय के बाद उनको Equity Share में बदला जा सकता है।

अगर ऐसा होगा तब भी कंपनी के शेयर की संख्या बढ़ जाएगी।

इस से भी प्रत्येक शेयर की कमाई कम हो जाएगी।

अब यह तीनो में से कोई भी विकल्प से कब शेयर की संख्या बढ़ जाएगी यह किसी को पता नहीं होता।

इस लिए कंपनी अपने हर Profit & Loss Statement में Basic EPS के साथ Diluted EPS भी देती है।

Diluted EPS वह EPS है, जो की अगर ऊपर दिए गए कारणों की वजह से कंपनी के शेयर की संख्या बढ़ जाएगी तो प्रत्येक शेयर पर कंपनी की कमाई कितनी होगी वह बताता है।

एक निवेशक के तौर से कंपनी को देखते वक्त हमें Diluted EPS को ही देखना चाहिए।

क्युकी कब शेयर की संख्या बढ़ जाए यह नहीं बताया जा सकता।

अब देखते है की ,

कैसे हम किसी कंपनी का EPS निकाल सकते है ?


वैसे तो हम किसी भी कंपनी के EPS को कंपनी के Total Comprehensive Income में कंपनी द्वारा जारी किए गए शेयर की संख्या का भाग देकर निकाल सकते है।

लेकिन हमें कंपनिया अपने Profit & Loss Statement में Basic और Diluted EPS दोनों ही निकाल कर देती ही है।

आप सीधा ही वहा से देख सकते है।

तो दोस्तों यह था Earning Per Share (Basic और Diluted EPS) के बारे में सब कुछ।

उम्मीद करता हु दोस्तों की आपको EPS के बारे में सब समझ आ गया होगा।

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