Monday, June 10, 2019

Ultra Short Term Funds. क्या है और यह FD से कितना अलग है ?

Ultra Short Term Funds.

जाने Ultra Short Term Funds क्या है और इनमे निवेश करने के लाभ और नुक्सना क्या है ?

और क्या यह फण्ड FD से बेहतर है ?

हम जानते है की ज्यादातर म्यूच्यूअल फण्ड में लम्बे समय के लिए ही निवेश करना चाहिए।

जिससे हमें काफी अच्छा रिटर्न मिल सके।

अब क्या हो की अगर आपके पास कुछ पैसा हो जिसकी आपको कुछ महीनो तक जरुरत न हो ?

और यह पैसा आप निवेश करना चाहते हो ?

तो आप कुछ महीनो की फिक्स्ड डिपाजिट में निवेश करते होंगे या पैसा बैंक में ही रहने देते होंगे।

अगर कोई ऐसा विकल्प हो जिसमे आप इन दोनों तरीको से थोड़ा ज्यादा रिटर्न पा सकते है तो क्या होगा ?

यकीनन यह तरीका आपको पसंद आएगा।

यह तरीका है, Ultra Short Term Funds.

क्या है Ultra Short Term Funds ?


यह फण्ड एक तरह के डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड ही है।

लेकिन यह फण्ड में निवेश किया हुआ पैसा ऐसे विकल्पों में निवेश किया जाता है जिनकी परिपक्वता अवधि एक सप्ताह से लेकर 18 महीनो तक हो।

यह निवेश विकल्पों में Certificate of Deposit, Commercial Paper, Treasury Bills और Dated Government Securities शामिल है।



1. Certificate Of Deposit :


जब भी किसी बैंक को एक सप्ताह से लेकर 18 महीने के लिए पैसा उधार चाहिए तब वह CD (Certificate Of Deposit) जारी कर उन्हें बेचती है।

इसके बदले में निवेशक को बैंक से कुछ ब्याज मिलता है।

यह CD इस तरह ही होते है जिस तरह आपको बैंक की FD में निवेश करने पर FD का प्रमाणपत्र मिलता है।

2. Commercial Papers (CP) :


अगर किसी कंपनी को एक सप्ताह से लेकर 18 महीनो तक पैसा उधार चाहिए तब वह कंपनी यह उधार लेने के लिए Commercial Paper जारी करती है।

CP और CD में यही फर्क होता है की CD बैंक जारी करती है, जबकि CP कोई कंपनी जारी करती है।

CP खरीदकर कोई कंपनी को पैसा देने वाले निवेशक को कंपनी ब्याज देती है।

3. Treasury Bills :


यह भी एक उधर लेने का साधन ही है, लेकिन फर्क यह है की Treasury Bills सरकार जारी करती है।

जब भी सरकार को कुछ समय के लिए पैसा चाहिए होता है तब वह TBs जारी कर के पैसा उधार ले लेती है।

इसके बदले में भी सरकार Treasury Bill खरीदने वाले को ब्याज देती है।

4. Dated Government Securities :


हम सब यह जानते है की सरकार को जब भी लम्बे समय के लिए पैसो की जरुरत होती है, तब उसके पास एक रास्ता बॉन्ड जारी करना भी है।

यह बॉन्ड सरकार द्वारा कुछ सालो के लिए जारी किए जाते है।

Dated Government Securities यानि सरकार द्वारा जारी किए गए यह बॉन्ड जिनकी परिपक्वता अवधि में ज्यादा समय बाकि न रहा हो।

जैसे अगर कोई बांड 10 साल के लिए सरकार ने सितम्बर 2009 में जारी किया था तो वह सितम्बर 2019 में परिपक़्व होगा।

अभी यानि जून 2019 से उस बॉन्ड को परिपक़्व होने में सिर्फ 3 महीने ही बाकि रहे है।

ऐसे बॉन्ड को Dated Government Bond कहते है।

इन सभी विकल्पों और इन जैसे और भी विकल्पों में Ultra Short Term Funds निवेश करते है।

इन से मिले ब्याज से ही वह फण्ड के निवेशकों को ब्याज देते है।

Ultra Short Term Funds में निवेश करने पर Tax कितना लगता है ?


इन फण्ड में निवेश पर टैक्स निवेश की अवधि पर आधारित है।

अगर आपके निवेश की अवधि 3 साल से कम है, तो कमाए गए रिटर्न पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।

अगर आपके निवेश की अवधि 3 साल या उस से ज्यादा है, तो कमाए गए रिटर्न पर 20 % टैक्स लगेगा जिसमे इंडेक्सेशन का लाभ शामिल है।

और अगर बिना यह लाभ के टैक्स भरना चाहे तो टैक्स की दर 10 % रहेगी।

इंडेक्सेशन के लाभ का मतलब कमाए गए रिटर्न में से Inflation जितना दर घटाके बाकि बचे रिटर्न पर टैक्स देना।

यहाँ से पढ़े : Inflation क्या है ?

अगर आपने 1 साल पहले 1 लाख रुपए निवेश किए थे।

और अब उसमे आपको 9 % से 9 हजार का लाभ मिला है और उस साल Inflation 7% रहा तो आपकी टैक्स लायक राशि कुछ इस तरह होगी।

टैक्स लायक राशि = मिला हुआ रिटर्न (9%) - Inflation का दर (7%)
                             = 2% x 1 लाख = 2000

Ultra Short Term Funds, FD से कितने अलग है ?


इन फण्ड और फिक्स्ड डिपाजिट के बिच में क्या फर्क है, वो हम यहाँ पर जानेंगे।



  • यह फण्ड ज्यादातर संजोगो में FD से ज्यादा रिटर्न देगा।
  • इस फण्ड में ज्यादा रिटर्न मिलता है,लेकिन ज्यादा जोखिम भी है।
  • FD में निश्चित अवधि से पहले पैसा बहार निकालने पर पेनल्टी भरनी पड़ती है, लेकिन इस फण्ड में ऐसा नहीं है।
  • FD में निवेश से मिले हुए ब्याज टैक्स आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार देना होता है।
  • जबकि इन फण्ड में निवेश से मिले हुए ब्याज पर आपको कम टैक्स भरना पड़ता है।
  • इन फण्ड मे निवेश की राशि की कोई गारंटी नहीं होती, जबकि FD में निवेश की गई राशि की गारंटी होती है।
  • FD में कमाए गए ब्याज पर TDS कटता है, जबकि इन फण्ड में TDS नहीं कटता।
इन सभी कारणों से यह फण्ड FD से अलग है।

Ultra Short Term Funds में किसे निवेश करना चाहिए?


हमने अभी देखे हुए कुछ कारणों के अनुसार यह फण्ड FD से थोड़ा ज्यादा जोखिम भरा और ज्यादा रिटर्न देने वाला फण्ड है।

इस वजह से इन फण्ड में सिर्फ उन्ही लोगो को निवेश करना चाहिए जो की अपने कुछ पैसो पर थोड़ा ज्यादा जोखिम ले सके।

अगर उन पैसो में से कुछ पैसो का नुकसान हो तब वह उस नुकसान को जेल सके।

तो दोस्तों यह थी Ultra Short Term Funds के बारे में जानकारी।

उम्मीद करता हु की आपको यह जानकारी पसंद आई होगी।

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और भी पढ़े :

1. Liquid Fund क्या होते है ?

2. Debentures Meaning in Hindi.



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