Friday, May 3, 2019

SIP meaning in Hindi | SIP क्या है ?

SIP meaning in Hindi.

अगर आप एक सामान्य निवेशक है जो की म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहते है तो आपने SIP के बारे में तो सुना ही होगा।

पिछले कुछ सालो में भारत में Mutual Funds में लोगो का निवेश बहुत बढ़ गया है।

इनमे से ज़्यदातर लोग Mutual Funds में SIP के माध्यम से ही निवेश करते है।

इस साल July यानी पिछले महीने में ही SIP के द्वारा Mutual Funds में 8324 करोड़ का निवेश हुआ है।

जो की पिछले साल के July महीने में हुए 7554 करोड़ के निवेश से 10 % से भी ज्यादा है।

यानी ज्यादा से ज्यादा लोग SIP के जरिए निवेश कर रहे है।

तो क्या है यह SIP ? और ऐसा क्या है इस तरीके से निवेश करने में जो लोग इस तरीके से इतना निवेश कर रहे है ?

आज हम यही बात जानेंगे।

हम जानेंगे की SIP क्या है ? SIP से किस तरह एक निवेशक के लिए जोखिम कम हो जाता है ?

SIP के लाभ एवं नुकसान क्या है ?

क्या एक सामान्य निवेशक को SIP के जरिए म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहिए ?

इसमें सबसे पहले जानते है की


SIP क्या है ? (SIP Meaning in Hindi) :



इस SIP का पूरा नाम है Systematic Investment Plan. SIP को कुछ लोग सिप भी कहते है।

जैसा की नाम से जान सकते है SIP निवेश करने का एक व्यवस्थित तरीका है।

और यह ज्यादातर Mutual Funds में निवेश करने के लिए उपयोग किया जाता है।

इस तरीके में निवेशक एक साथ पूरा पैसा निवेश करने के बजाए निश्चित समय अंतराल में निश्चित राशि निवेश करता रहता है।

जैसे निवेशक ने 1000 रूपए प्रति माह की SIP शुरू करवाई है तो वह हर महीने 1000 रुपए उस म्यूच्यूअल फंड में निवेश करता रहेगा।

छोटी छोटी राशि हर महीने या हर तिमाही में निवेश करने पर निवेशक पर ज्यादा आर्थिक बोज नहीं बढ़ता।

इस लिए बहुत कम आय वाला व्यक्ति भी यह निवेश कर सकता है।

यह निवेश वह Mutual Funds की NAV के अनुसार करता है।

NAV का मतलब है, Net Asset Value.

यानी Mutual Funds की 1 Unit का दाम है।

जैसे शेयर बाजार में हम 1 शेयर के हिसाब से निवेश करते है, वैसे ही Mutual Funds में 1 Unit के अनुसार निवेश किया जाता है।


यहाँ पढ़े : NAV और Units के बारे में ज्यादा जानकारी।


म्यूच्यूअल फंड की यह NAV हर दिन बदलती रहती है।

इस वजह से अलग अलग महीने में निवेशक अलग अलग NAV पर म्यूच्यूअल फंड खरीदता है।

जब बाजार में तेजी होगी तब म्यूच्यूअल फंड की NAV ज्यादा होगी इस लिए 1000 रुपए में कम यूनिट्स आएंगी।

और जब बाजार में मंदी होगी तब NAV क़म होगी इस लिए 1000 रुपए में ज़्यादा यूनिट्स आएंगी।

इस तरह बाजार की सभी स्थितिओ में निवेशक 1000 रुपए निवेश करता रहेगा।

और ऐसा करने से उसने ख़रीदे हुए कुल यूनिट्स की किमत (NAV) औसत (Average) हो जाएगी।

लम्बे समय में अब तक यह देखा गया है, की अगर सही जगह पर और सही तरह से निवेश किया जाए तो Mutual Funds बहुत अच्छा Return देते है।

इस लिए लम्बे समय के निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलेगा।


SIP से किस तरह एक निवेशक के लिए जोखिम कम हो जाता है ? SIP Meaning in Hindi 



इसे अच्छी तरह से निचे दिए गए उदहारण से समझा जा सकता है।


Reliance Small Cap Fund - Direct Plan (G) :


यहाँ पर मैंने Reliance Small Cap Fund - Direct Plan (G) की साल 2018 के मई महीने से साल 2019 के अप्रेल महीने तक की NAV का चार्ट और मूल्य निचे दिया है।

इस उदहारण में हम एकमुश्त निवेश और SIP के द्वारा किए निवेश में से किस निवेश में नुकसान ज्यादा है वह देखेंगे।


Image Source : groww.in
DATENAV
03 / 05 / 201848.2
03 / 06 / 2018 44.61
03 / 07 / 2018 43.35
03 / 08 / 2018 45.25
03 / 09 / 2018 46.83
03 / 10 / 2018 40.95
03 / 11 / 2018 41.73
03 / 12 / 2018 41.82
03 / 01 / 2019 41.79
03 / 02 / 2019 39.85
03 / 03 / 2019 41.04
03 / 04 / 2019 42.73
Data  Source : groww.in

सबसे पहले हम देखते है की अगर निवेशक ने मई महीने में एकमुश्त (एक साथ) निवेश किया होता तो उसे कितना Return मिलता।

11 महीने पहले एकमुश्त निवेश करते वक्त वह 48.2 की NAV पर निवेश करता।

इसमें उसको मिला हुआ Return कुछ इस प्रकार होता :
रिटर्न = (42.73 - 48.2) / 48.2   = -11.34 %
मतलब 11 महीने निवेश करने के बाद निवेशक को लाभ के बजाए 11.34 % का नुकसान हुआ होता।

अब देखते है की अगर निवेशक एक साथ निवेश के बजाए SIP के द्वारा निवेश करता तो उसके निवेश की औसत NAV 43.22 हो जाती।

जिस से उसको मिला हुआ रिटर्न होगा :
रिटर्न = (42.73 - 43.22) / 43.22 = -1.13 %
मतलब की SIP के द्वारा निवेश करने पर भी निवेशक को 1.13 % का नुकसान तो होता।

लेकिन यह नुकसान एकसाथ निवेश करने पर होने वाले नुकसान से बहुत कम होता।

इस तरह एकसाथ निवेश के बजाए SIP के द्वारा निवेश करने से निवेश का नुकसान कम हो जाता।

तो इस उदाहरण से आप समझ गए होंगे की किस तरह SIP के द्वारा किया हुआ निवेश जोखिम कम कर देता है।

अब हम जानते है, की


SIP के लाभ और नुकसान क्या है ?



SIP के तरीके से निवेश करने के लाभ और नुकसान भी है वह दोनों ही कुछ ऐसे है :

लाभ :SIP meaning in Hindi

  • SIP के द्वारा निवेश करने पर सबसे बड़ा लाभ यह है की निवेश का जोख़िम कम हो जाता है।
  • इस तरीके से निवेश की राशि एक साथ निकालने की जरुरत नहीं होती।
  • निवेश कम राशि से भी शुरू किया जा सकता है।
  • निवेशक व्यवस्थित तरीके से निवेश करना सिख जाता है।
  • कम आम्दनी वाले लोग भी निवेश कर सकते है।
  • Top Up SIP की सुविधा का प्रयोग कर के निवेश की राशि बढ़ा सकते है।

नुकसान :

  • लम्बे समय की SIP से मिला रिटर्न लम्बे समय के एकमुश्त निवेश से मिले हुए रिटर्न से कम होता है। 
  • हर महीने निवेश के लिए बैंक में पर्याप्त राशि होनी चाहिए।
  • निवेश के वक्त पर्याप्त राशि न होने पर बैंक पेनल्टी चार्ज कर सकता है।
  • लगातार 3 क़िस्त न चूका पाने पर आपकी SIP रद हो जाती है।

    क्या एक सामान्य निवेशक को SIP के जरिए म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहिए ?



    इस सवाल के दो जवाब है अगर निवेशक एकमुश्त निवेश के जोखिम जितना ज्यादा जोखिम ले सकता है, तो वह एकमुश्त निवेश कर सकता है।

    लेकिन अगर निवेशक एकमुश्त निवेश का बहुत ज्यादा जोखिम नहीं ले सकता तो उसे SIP ही करनी चाहिए।

    आप कौनसे तरीके से निवेश करना चाहेंगे हमें कमेंट में जरूर बताए।

    दोस्तों अगर आपको SIP meaning in Hindi के बारे में यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने Social Media पर Share करना ना भूले।

    और भी पढ़े :

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    2. SWP (Systematic Withdrawal Plan)  kya hota hai ?



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