KYC meaning in Hindi - केवाईसी क्या है?

KYC meaning in Hindi.

क्या आप लोगो ने कभी कोई बैंक खाता खुलवाया है ?

जरूर ही खुलवाया होगा।

जब भी हम किसी बैंक में खाता खुलवाने जाते है तब हमें बैंक के फॉर्म के साथ KYC फॉर्म भरना पड़ता है।

सिर्फ बैंक ही नहीं आप बैंक के आलावा भी बहुत सी जगहों पर KYC का फॉर्म भर चुके होंगे।

तो क्या आप जानते है की KYC क्या है ? और बैंक या अन्य कोई कंपनी आपसे KYC फॉर्म क्यों भरवाती है ?

अगर नहीं पता तो चिंता न करे। आज हम KYC के बारे में ही जानेंगे।

आईए जानते है उसके बारे में।

1) KYC Meaning in Hindi :


KYC का full form है Know Your Customer यानी अपने ग्राहक को जानना।

इसके द्वारा बैंक या अन्य कोई भी संस्था जैसे बिमा कंपनी या म्यूच्यूअल फंड्स अपने ग्राहक की पहचान और पते को निश्चित करती है।

KYC का फॉर्म भरवाने का नियम रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा सूचित किया गया है।

2) KYC की जरुरत कौनसी जगह पर होती है ?


केवाईसी आपको किसी बैंक में खाता खुलवाते समय , लोन लेते समय देना पड़ सकता है।

इसके आलावा म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते समय या बिमा खरीदते समय जैसी और भी बहुत सी जगह पर भी केवाईसी देना पड़ सकता है।

3) KYC क्यु जरुरी है ?


केवाईसी भरवाने से बैंक को पता चलता है की खाता खुलवाने वाला व्यक्ति अपने असली नाम और पता देकर ही खाता खुलवा रहा है।

जिस की वजह से बैंक किसी भी गलत या अवैध काम को रोक सकती है। क्युकी कोई भी अवैध काम करने वाला व्यक्ति अपने खुद के नाम से तो कोई अवैध काम नहीं करेगा।

एसे मे अगर कोई व्यक्ति ईएसए कुछ काम करता भी है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है।

इसके अलावा बैंक खाता खुलवाने के कुछ सालो बाद भी केवाईसी भरवाती है, इसका कारण यह है, की वह इस बात की पुष्टि करना चाहते है, की जिसका भी वह खाता है, उसके पते मे या उसके कोई दस्तावेज़ मे बदलाव तो नहीं है। 

कई बार अगर आपके बैंक के खाते मे लंबे समय तक कोई भी ट्रांजेकसन नहीं किया है, तो बैंक आपके खाते मे सभी ट्रांजेकसन को अस्थायी रूप से रोक सकती है।

जिसके बाद आपको उस रोक को हटाने के लिए फिर से केवाईसी भरना पड़ सकता है। एसा करने से बैंक आपके खाते का किसी और व्यक्ति द्वारा उपयोग होने से बचाती है।   

अब जानते है की, 

4) KYC के लिए कौनसे कागज़ात की जरुरत होती है ?


KYC के लिए आपको अपना फोटो, पहचान का प्रमाण और पते का प्रमाण देना पड़ता है।

आप अपने पहचान के प्रमाण के रूप में निम्न कागज़ातों को दे सकते है।
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • वोटर आईडी कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट
    और इन सभी में से पैन कार्ड के अलावा बाकी सब का उपयोग आप अपने पते के प्रमाण के रूप में कर सकते है।

    क्युकी पैन कार्ड में आपका पता नहीं होता इस लिए यह पते का प्रमाण नहीं होता।

    KYC form कैसा होता है ?



    केवाईसी फॉर्म दिखने में ऊपर दिखाई हुई फोटो की तरह होता है। यह फोटो SBI का KYC form के एक हिस्से की है, जिसको देखकर आप अनुमान लगा सकते है, की kyc form किस तरह दीखता है।

    हालाकी अलग अलग बैंक और अन्य सस्था का kyc form अलग अलग होता है, लेकीन मुलभुत रूप से उसमे एक ही तरह की जानकारी मांगी जाती है।  

    तो यह था KYC के बारे में सब कुछ।

    आशा करता हु आपको KYC meaning in Hindi समझमे आ गया होगा।

    यदि आपका इस बारे में कोई प्रश्न हो तो आप हमें Comment में लिखकर बताए।

    अगर आपको हमारी यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और परिजनों के साथ Share जरूर करे।



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