Friday, March 1, 2019

Share Capital in Hindi | Share Market

Share Capital in Hindi.

शेयर कैपिटल क्या होता है ? और इसके प्रकार कौनसे होते है ? , Authorized Capital और Paid-up Capital क्या होता है ?

अगर आप इन सभी सवालो के जवाब ढूंढ़ रहे है, तो आप सही जगह पर आए है।

आज हम इन सभी सवालो के जवाब जानेंगे।


Share Capital in Hindi :



दोस्तोंआप यह तो जानते होंगे की कंपनिया अपने विकास के लिए जरुरी पैसे जुटाने के लिए शेयर बेचती है।
यह शेयर, कंपनिया अपनी face value जितने दाम या फिर इस से ज्यादा दाम पर शेयर बेचती है।

Face Value वह कीमत होती है जो की कंपनी के किसी भी शेयर प्रमाणपत्र में लिखी होती है।


यह वैल्यू कंपनी के निर्माण के वक्त निश्चित की जाती है।


Share Capital वह पैसा है जो की कंपनी अपने शेयर बेचकर जुटाती है।


Share Capital के दो प्रकार कंपनी किस तरह के शेयर जारी करती है उस पर से है।



1) Preferred Share Capital in Hindi :


जो पैसा कंपनी अपने Preferred Share बेचकर जुटाती है उसे Preferred Share Capital कहते है।

यह भी पढ़े : Preferred या Preference Share क्या होते है ?



2) Equity Share Capital in Hindi :


Equity Share Capital वह पैसा है जो की कंपनी अपने Equity या Normal share, Face Value पर बेचकर जुटाती है।

हम यह भी कह सकते है की जो Share Capital, Preferred Share Capital नहीं है वह Equity Share Capital है।


उदाहरण :


ABC कंपनी की Face Value ₹10 है। वह अपने 10 लाख शेयर, बाज़ार में IPO के द्वारा ₹50 में बेचती है।


आप यह सोच रहे होंगे की कंपनी ₹10 के बदले में ₹50 क्यू ले रही है ?



इस ₹50 में से ₹10 तो इस कंपनी की Face Value है, और बाकी के ₹ 40 रूपए कंपनी प्रीमियम ले रही है।


यह प्रीमियम कंपनी अपनी आर्थिक स्थिति अच्छी होने की वजह से लेती है।


इस प्रीमियम को भी कंपनी के विकास के काम के लिए रखा जाता है।


IPO के जरिए कंपनी के पास आने वाला पैसा 5 करोड़ (10 लाख x ₹ 50) होगा।


यह भी पढ़े : IPO क्या होता है? 


इस 5 करोड़ में से 1 करोड़ (10 लाख x ₹ 10 (Face Value)) Equity Share Capital कहलाया जाएगा।


और बाकि के 4 करोड़ (10 लाख x ₹ 40) कंपनी का Reserve कहलाया जाएगा।


Equity और Preferred Share Capital तो शेयर के प्रकार के अनुसार Share Capital के प्रकार है।


Share Capital के और भी बहुत से प्रकार है।



1) Authorized or Nominal Share Capital in Hindi :


Authorized या Nominal Share Capital वह राशि है, जितनी राशि किसी भी कंपनी को अपनी पूरी जिंदगी में जूटाने की अनुमति है।

इस से ज्यादा राशि जुटाने के लिए उसे सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है।


यह लिमिट कंपनी के निर्माण के वक्त ही तय हो जाती है।


उदाहरण:कंपनी XYZ की Authorized Share Capital 50 लाख है।


जिसका मतलब है की कंपनी अपने जीवन काल में अधिकतम 50 लाख ही जुटा सकती है।



2) Issued and Unissued Share Capital in Hindi :


Issued Capital, Authorized Capital का वह हिस्सा होता है, जितने हिस्से के शेयर कंपनी Issue करती है।

अधिकतर कंपनिया अपनी Authorized Share Capital जितनी राशि एक बार में नहीं जुटाती।


बल्की कुछ हिस्सा भविष्य में नए आने वाले शेयर धारको के लिए रखती है।


उस हिस्से को Unissued Share Capital कहते है।


उदाहरण : 


कंपनी XYZ जिसकी Authorized Share Capital 50 लाख रूपए है।

वह IPO के समय अगर सिर्फ 25 लाख के शेयर ही बेचने के लिए जारी करे तो उस 25 लाख को Issued Share Capital कहते है।

बाकि बचे Authorized Share Capital के हिस्से (25 लाख) को Unissued Share Capital कहते है।



3) Subscribed Capital and Unsubscribed Share Capital in Hindi:


कोई कंपनी जितने भी शेयर जारी करती है, उतने ही शेयर खरीदने के लिए लोग आवेदन करे वह जरुरी नहीं है।

यह भी हो सकता है की कंपनी ने जारी किए शेयर को खरीदने के लिए बहुत क़म या बहुत ज़्यादा आवेदन आए।


उदहारण : अगर कंपनी XYZ ने ₹ 10 प्रति शेयर के हिसाब से 2 लाख 50 हजार शेयर जारी किए है।

और सिर्फ 1 लाख 50 हज़ार शेयर खरीदने के लिए आवेदन किए गए है, तो 1.5 लाख x ₹ 10 ऐसे
₹ 15 रूपए को Subscribed Share Capital कहा जाएगा।


बाकि के ₹ 10 लाख को Unsubscribed Capital कहेंगे।



4) Called-up and Uncalled Share Capital in Hindi :


Called-up Capital यानि वह राशि जो कंपनी शेयर बेचते वक्त शेयर खरीदने वालो से मंगवाए।

अधिकतर कंपनिया IPO के वक्त ही शेयर खरीदने वालो से पूरा पैसा मंगवा लेती है।


लेकिन कई कंपनिया जारी किए गए शेयर के पैसे कुछ हिस्सों में मंगवाती है।


जैसेकि कुछ हिस्सा आवेदन के वक्त कुछ हिस्सा शेयर जमा करने के वक्त।और कुछ हिस्सा फर्स्ट कॉल पर और कुछ हिस्सा फ़ाइनल कॉल पर।


शेयर के दाम में से जितना पैसा कंपनी अपने पास मंगवाए उतने हिस्से को Called-up Share Capital कहते है।


और बाकि के हिस्से को Uncalled Share Capital कहते है।


उदहारण : जैसे की अगर कंपनी XYZ ने ₹ 10 के बदले शेयर धारको से आवेदन करते वक्त ₹ 3 और ₹ 3 शेयर अलॉट करते वक्त।


तो (₹ 6 x 1 लाख 50 हज़ार) ₹ 9 लाख को Called-up Share Capital कहते है।

और बाकि बचे ₹ 6 लाख को Uncalled कहते है।


5) Paid-up and Unpaid-up Share Capital in Hindi :


अगर Called-up capital जितनी पूरी राशि कंपनी को मिल जाए तो Called-up Share Capital को ही Paid-up Capital कहते है।

लेकिन कुछ स्थिति में पूरी राशि कंपनी के पास नहीं आई होती।


तो जितनी राशी कंपनी के पास आ गई हो उसे Paid-up Capital कहते है।


जितनी राशी कंपनी के पास आनी बाकि है उसे Unpaid Share Capital कहते है।


उदाहरण: अगर कंपनी XYZ का Called-up Share Capital 9 लाख है।


अगर पूरी राशि (₹ 9 लाख) कंपनी के पास आ जाए तो उसे Paid-up Capital कहते है।

यदि कंपनी के पास 10 हजार शेयर के पैसे आने बाकि है तो (₹ 8.4 लाख) ₹ 6 x 1.4 लाख उसे Paid-up Capital कहेंगे।


और बाकि के 60 हज़ार को Unpaid Share Capital कहेंगे।


दोस्तों की आपको Share Capital in Hindi के बारे में समझमे आया है या नहीं हमें Comment Box में जरूर बताए।



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