Sunday, February 24, 2019

NPS in Hindi (National Pension System)

NPS in Hindi. नेशनल पेंशन सिस्टम क्या है ? और हम इसका उपयोग कैसे कर सकते है?
अगर आपके मन मे भी यह सब सवाल है तो आप सही जगह पर आए है।

NPS in Hindi क्या है ?


नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS in Hindi) भारत सरकार के द्वारा 1 जनवरी 2004 से शुरू की गई लोगो के रिटायरमेंट के लिए काम आने वाली निवेश की योजना है।


यह योजना 2004 से सरकारी कर्मचारीओ के लिए शुरू की गई थी।


मगर 2009 से इसे निजी कर्मचारीओ तथा स्वनिर्भर लोगो के लिए भी शुरू कर दिया गया है।


इस योजना में आप अपने रिटायर होने (60 साल) तक निवेश करते है।


यह राशि आपके रिटायर होने तक निवेश की गई राशि से बहुत बड़ी बन जाती है।


और आपके रिटायर होने (60 साल) के बाद जमा राशि का अधिकतम 60 प्रतिशत तक हिस्सा आप एकमुश्त निकाल सकते है।


कम से कम 40 प्रतिशत हिस्से से Annuity प्लान खरीदना होगा।


जिस में से आपको पेंशन मिलता रहता है।



Annuity Plan क्या है ?


Annuity plan के अंतर्गत आप जमा राशि का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा annuity के लिए नियुक्त बिमा कंपनी को देंगे।

और बिमा कंपनी आपको आजीवन हर माह उसमे से पेंशन देती रहेगी।


उदहारण के तौर पर अगर आपने पास NPS में जमा राशि 1 करोड़ है, तो उसका कम से कम 40 प्रतिशत (40 लाख) रूपए से आपको annuity प्लान खरीदना होगा।


अगर annuity ब्याज दर 7 प्रतिशत है , तो आपके पास से 40 लाख रूपए लेकर आपको हर साल 2 लाख 80 हजार रूपए मिलता है।


या फिर हर माह 23333 रूपए मिलते रहेंगे।


जैसे भी आप निश्चित करे।


Annuity में कई सारे प्रकार होते है जिसमे से कई में आपकी मृत्यु के बाद भी आपके नॉमिनी को भी पेंशन मिलता रहेगा।


Annuity के बारे में हम बाद में जानेंगे।


NPS में कौन निवेश कर सकता है ?


इस योजना में कोई भी भारत का नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 साल तक है तथा वो सरकारी कर्मचारी या निजी कर्मचारी या फिर स्वनिर्भर है वो कर सकता है।


इस योजना में एक NRI भी निवेश कर सकता है।


NPS in Hindiमें निवेश कितनी राशि से शुरू कर सकते है ?


NPS में निवेश की राशि आप कौनसा अकाउंट खुलवाते है उस पर निर्भर है।


एन पी एस में दो तरह के अकाउंट होते है, 1) टियर १ और 2) टियर २.


1) Tier १ :


टियर 1 में आपको टैक्स बेनिफिट मिलता है ।

इस अकाउंट में कम से कम 1000 रुपए सालाना निवेश करना होगा। 


जिसमे से रजिस्ट्रेशन के वक्त कम से कम 500 रुपए निवेश करना होगा।

उसके बाद आप अपने अनुसार निवेश अंतराल का चयन कर सकते है। 

लेकिन साल में कम से कम एक बार तो निवेश करना ही होगा। 

इस तरह के अकाउंट में जमा कि गई राशि को आप अपनी 60 साल उम्र तक नहीं निकाल सकते ।


मगर कुछ संजोगो जैसे की 'पहला घर खरीदने के लिए',बेटी की शादी के लिए , बच्चो की पढाई के लिए या को गंभीर बीमारी के वक्त पैसा निकाल सकते है। 


इस समय में निवेश की हुई राशि का अधिक से अधिक 25 प्रतिशत ही निकाल सकते है,और वह भी 5 साल के अंतर में ।


पहली बार तो आप निवेश शुरू होने के 10 साल बाद ही निकाल सकते है।



2) Tier २ :


टियर 2 तरह का अकाउंट टीयर 1 अकाउंट धारित ही खुलवा सकता है ।

इस में निवेश की गई राशि आप कभी भी निकाल सकते है और कभी भी इसे बंध कर सकते है ।


इसमें निवेश की गई पूरी राशि पर आपको आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स भरना पड़ेगा ।


एनपीएस में निवेश करने से टैक्स में क्या लाभ होगा ?

1) Section 80C के तहत :


एनपीएस में टियर १ में निवेश की गई राशि में सेक्शन 80 C के तहत 1.5 लाख तक टैक्स लाभ है। 

मगर वह पैसा आपकी सैलरी में बेसिक तथा डीयरनेस  अलवान्स दोनों को मिला कर 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

2) Section 80CCD(1B) के तहत :


इसके अलावा अधिक 50 हजार तक राशि का टैक्स लाभ आप सेक्शन 80CCD (1B) के तहत उठा सकते है ।

3) Section 80CCD(2) के तहत :


अगर आपका एंप्लॉयर (सरकारी या निजी) आपकी सैलरी में बेसिक और DA का 10 प्रतिशत तक का निवेश कर सकती है।  

इस निवेश पर आपको टैक्स लाभ Section 80CCD(2) के तहत मिलता है।

4) आंशिक विथड्रावल के वक्त :


अगर कोई व्यक्ति रिटायर होने से पहले NPS iमें से पैसा निकाले तो वह अधिकतम अपनी निवेश की गई राशि का 25 प्रतिशत ही निकाल सकता है।

यह 25 प्रतिशत हिस्से पर कोई भी टैक्स नहीं है।

5) Lump Sum निकाली गई राशि पर :


रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त निकाली 60 प्रतिशत राशि पर कोई टैक्स नहीं है।

6) Annuity plan खरीदते समय :


रिटायर होने के बाद annuity plan जितनी राशि से ख़रीदा है उतनी राशि पर कोई टैक्स नहीं है।

लेकिन उस पैसे को निवेश करने पर मिलने वाले पेंशन पर टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।

हम  NPS in hindi खाता कहा से खुलवा सकते है ? और प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस(POP) क्या है ?


एनपीएस खाता आप दो तरह से खुलवा सकते है ।


१) प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस के द्वारा :


प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस यानी कुछ ऐसी संस्था जिन्हें NPS in hindi का खाता खोलने के लिए नियुक्त किया गया है। 

जीनमे पोस्ट ऑफिस , निजी और सरकारी बैंक आदि समिल है ।


आपके स्थान के अनुसार आप पोइन्ट ऑफ़ प्रजेंस(POP) निचे दी गई लिंक पर जा कर ढूंढ सकते है ।


जगह के अनुसार POP यहाँ से ढूंढे।


POP में आवेदन इस तरह करे।


1)ऊपर दी गई लिंक से अपने नजदीकी POP को ढूंढे।


2) वहा पर जाते वक्त आपके साथ कुछ आपके फोटो, आई डी प्रूफ , एड्रेस प्रूफ , पैन कार्ड आदि साथ में ले जाए।


3)वहा पर जा कर PRAN Application फॉर्म लेकर पूरा फॉर्म अच्छी तरह से भर ले।


4)फॉर्म पूरा भरने के बाद आपको वहा पर अपने टियर 1 की पहली क़िस्त कम से कम 500 रूपए भरने पड़ेंगे।


5)क़िस्त भरने और फॉर्म को जमा करने पर आपको PRAN Application फॉर्म की रिसीप्ट मिलेगी।


6)उस रिसीप्ट नंबर से आप अपने PRAN card का स्टेटस इस लिंक में से चेक कर सकते है। Check PRAN CARD Status

7)आपका PRAN CARD आपके दिए गए एड्रेस पर पहुंच जाएगा।

२) e एनपीएस :


आप  NPS in hindi खाता खोलने के लिए ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते है ।


जिसके लिए आप eNPS की वेबसाइट के द्वारा खोल सकते है ।


जरूरी कागज़ात :


१) IDENTITY प्रूफ
२) RESIDENT प्रूफ
३) पान नंबर
४) मोबाइल नंबर
५) बैंक अकाउंट विथ डेबिट कार्ड या फिर नेट बैंकिंग।


PRAN Number क्या है ? और नौकरी बदलने के बाद हमारी एनपीएस का क्या होगा ?


NPS in Hindiके लिए आवेदन के बाद आपको एक Pran नंबर (परमानेंट retirement अकाउंट नंबर ) मिलता है।

जो की एक व्यक्ति की पूरी जिंदगी में केवल एक ही मिलता है ।


इसका उपयोग आपकी हर माह की क़िस्त भरते वक्त होता है। 


यह बहुत ही फ्लेक्सिबल होता है ।


आप नौकरी बदलते समय या फिर निजी सेक्टर से गवर्नमेंट सेक्टर में सिफ्ट होते समय आपको सिर्फ Pran नंबर की मदद से आपके अकाउंट को सिर्फ सिफ्त ही करना होगा ।


इस के लिए आपको दूसरा अकाउंट खोलने की जरूरत नहीं है।


अगर किसी व्यक्ति की रिटायरमेंट से पहले ही मृत्यु हो जाए तो क्या होगा ?


अगर किसी व्यक्ति की रिटायरमेंट से पहले ही मृत्यु हो जाए तो उसे मिलने वाली राशि उस के निश्चित किए गए नॉमिनी को मिलेगी।


यदि कोई नॉमिनी नहीं दिया गया है तो उस व्यक्ति के कानूनन वारिस को यह पैसा मिलेगा। 


वह चाहे तो पेंशन ले सकता है या फिर एकमुश्त राशि भी ले सकता है।



NPS में 1 अप्रेल 2019 से हो चुके सुधार :


1)Maturity के वक्त मिलने वाली राशि में से एकमुश्त निकली गई 60 प्रतिशत तक की पूरी राशि पर 1 अप्रेल 2019 से कोई टैक्स नहीं देना होगा। 

जो की अभी 60 प्रतिशत में से 20 प्रतिशत पर देना पड़ता था।


2)सरकारी कर्मचारीओ के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाला 10 प्रतिशत (बेसिक और डीए मिलकर) 1 अप्रेल 2019 से 14 प्रतिशत हो गया है। 

3)Tier - 2 में कम से कम 3 साल तक के किए गए निवेश पर सरकारी कर्मचारीओ को Section 80 C के तहत टैक्स लाभ मिलेगा। (यह बदलाव निजी कर्मचारीओ के लिए नहीं है।)

ये सभी बदलाव आप यहाँ से पढ़ सकते है। 

यह थी  NPS के बारे में पूरी जानकारी।  

अगर आप लोगो को NPS के बारे में और भी जानकारी चाहिए तो आप Comment Box में बता सकते है।

धन्यवाद।

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पेज को Like करना न भूले।

और भी पढ़े : 

ELSS meaning in Hindi 

Actively managed funds in Hindi 

MUTUAL FUNDS क्या सच में सही है?

EPF full Guide in Hindi

Disqus Comments