Thursday, December 27, 2018

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स।


आपने अक्सर सुना होगा की शेयर बाज़ार में आने वाले व्यक्तिओ में से ज्यादातर को नुकसान होता है। 

लेकिन क्या कभी आपने इसके पीछे के कारणों को समझने का प्रयाश किया है ?

नहीं ना ?

ज्यादातर लोग ऐसा ही करते है।

वह दुसरो को हुए नुकसान के कारणों को समझने की कोशिस नहीं करते, और ऐसे ही शेयर बाज़ार में पैसा लगा देते है।

फिर उन्हें भी दुसरो की तरह शेयर बाज़ार में लाखो रुपए का नुकसान होता है।

लेकिन अगर आप ऐसा न कर के दुसरो की गलतिओ को समझ लेंगे तो आप उन गलतिओ को करने से तो बचेंगे।

और उस से होने वाले अपने लाखो रुपए के नुकसान को भी बचा पाएंगे।

वैसे भी चाणक्य जी ने कहा है ना

"दुसरो की गलती से जरूर सिखो क्युकी सभी गलतिया खुद करके सिखने के लिए पूरी उम्र कम पड़ जाएगी"

इस लिए आज में जब में शेयर बाज़ार में नया था तब मैंने जो गलतिया की थी उनके बारे में बताने जा रहा हु।

और साथ में बताऊंगा की उन गलतिओ से कैसे बचा जाए।

इन्हे आप शेयर बाज़ार में नुकसान से बचने के टिप्स भी समझ सकते है।

तो आइए जानते है,

शेयर बाज़ार में नुकसान से बचने के टिप्स कौनसे है ?


1) निवेश के पैसो को सुनिश्चित कर ले :


शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स में पहली टिप है 'निवेश के पैसो को सुनिश्चित कर ले।'

जब भी कोई निवेशक या ट्रेडर पहली बार शेयर बाजार में आता है तब उसकी निवेश या फिर ट्रेडिंग करने की राशि निश्चित नहीं होती।

वो कुछ पैसो से शुरू करता है फिर और ज़्यादा पैसो को शेयर बाजार में निवेश करता रहता है।

जिसकी वजह से उसकी जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में फस जाता है।

फिर वह डरने लगता है।

ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ था।

जब में भी शेयर बाज़ार में पहली बार आया था तब मैंने भी यही गलती की थी।

मैंने भी अपनी निवेश की राशि को निश्चित नहीं किया था।

और बिना सोचे समझे कुछ राशि से शुरू कर के बहुत बड़ी राशि शेयर बाज़ार में फ़सा ली थी।


इसी समस्या से बचने के लिए कोई भी व्यक्ति जो की शेयर बाजार में नया नया आता है, उसे अपनी जमा पूंजी में से कितनी राशि पर जोखम लेना है वो सुनिश्चित कर लेना चाहिए।

ये राशि इतनी ही होनी चाहिए जिसकी उसे कम से कम अगले तक ज़रूरत न हो।

समांन्य रूप से यह राशि कुल पूंजी के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

जिस से अगर वो राशि शेयर बाजार में फस भी जाए तो हमारे रहन सहन को ज़्यादा फर्क न पड़े।

और हम डर न जाए।

मै भी अब अपनी जमा पुंजी में से निश्चित प्रतिशत राशि ही शेयर बाज़ार में निवेश करता हु।

ताकी अगर वह राशि शेयर बाज़ार में फस भी जाए तो मेरे रहन सहन पर फर्क न पड़े।

इस लिए आप भी पहले ही अपनी राशि सुनिश्चित कर ले जिस पे आपको जोखिम लेना है।


2) निवेश और ट्रेडिंग को हमेशा अलग ही रखे :



शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स में दूसरी टिप है 'निवेश और ट्रेडिंग को अलग ही रखे।'

पहली बार आने वाला निवेशक पहले तो कोई टीवी चैनल देखना शुरू करता है और उनके ट्रेडिंग के टिप्स के अनुसार शेयर खरीद लेता है।

जब उसे लाभ होता है तो वह तुरंत ही शेयर बेच देता है।


लेकिन जब उसे नुकसान होता है तब वह Intraday trading के लिए ख़रीदे हुए शेयर को 'एक दो दिन तक देखते है' यह सोचकर रख लेता है।

और जब लाभ होने के बजाए उसे और ज्यादा नुकसान होता है तो वह उस इंट्राडे के लिए ख़रीदे हुए शेयर को

' कभी तो बढ़ेगा ना , जब बढ़ेगा तब बेच दूंगा '

यह सोच कर लम्बे समय का निवेश बना देता है।

और यह उसकी सबसे बड़ी गलती है।

उसे इस चीज़ को समझना चाहिए की ट्रेडिंग के लिए चुने गए शेयर को निवेश के लिए नहीं रख सकते, क्युकी दोनों अलग चीज़े है।

Intraday Trading के लिए चुने गए शेयर में सिर्फ उसकी Technical स्थिति ही देखी जाती है।

जब की निवेश में ऐसा नहीं होता।

निवेश के लिए शेयर चुनते वक्त हमें शेयर के पीछे की कंपनी के बारे में जानना और समझना पड़ता है।

और अगर वह कंपनी अच्छी हो तथा अच्छे दाम पर मिल रही हो तभी उसे ख़रीदा जा सकता है।

इस लिए Intraday Trading के लिए जिस शेयर को चुना गया हो उस शेयर में निवेश नही करना चाहिए।

इस से होने वाले नुकसान को इस उदाहरण से समझिए :

(Image is Taken From Investing.com)

RCOM अबतक का सबसे ज़्यादा दाम 844 रूपए था ,जो की जनवरी 2008 के पहले हफ्ते में था और आज 11 साल बाद जब में ये पोस्ट लिख रहा हु तब उसका दाम सिर्फ 80 पैसे (0.80) है।

पिछले 11 साल में RCOM का दाम फिर से 844 कभी नहीं आया।

सोचिए जिसने उस हफ्ते में यह सोच कर ट्रेडिंग के लिए 844 रूपए में ख़रीदे हुए शेयर को 'कभी तो बढ़ेगा' यह सोच कर निवेश कर दिया होता तो आज उसके निवेश की क्या हालत हुई होती ?

अब ऐसी गलतीया किसी भी व्यक्ति को बहुत नुकसान दे सकती है।

यहाँ पढ़े : शेयर बाज़ार में कम जोखिम लेकर पैसा कैसे कमाए ?

जब में भी शेयर बाज़ार में नया था तब मैंने भी एक Business News Channel पर एक Technical Analyst की राय पर एक कंपनी के कुछ शेयर ख़रीदे थे।

जिसमे मुझे करीब 2 घंटो में ही अच्छा मुनाफ़ा मिल गया था।

फिर मैंने उसी Technical Analyst की सलाह पर एक और कंपनी के शेयर खरीद लिए।

उसमे पहले दिन तो मुनाफा नहीं मिला था लेकिन दूसरे दिन मुनाफ़ा मिल गया था।

इस लिए में बहुत ही उत्साहित हो गया और उस दिन मैंने Technical Analyst की सलाह पर दो अलग अलग कंपनीओ के शेयर ख़रीदे थे।

लेकिन इन दोनों ही कंपनीओ में नुकसान हो रहा था इस लिए मैंने उसे बेचने के बजाए कुछ दिन रखा , फिर कुछ महीनो तक रखा।

मगर आखिर में उनको बहुत बड़े नुकसान पर बेचना पड़ा।

तब मुझे इतनी समझ नहीं थी की Intraday Trading के लिए ख़रीदे गए शेयर को निवेश नहीं बना सकते।

लेकिन आज इसकी समझ है, आज में समझता हु की तब मैंने जो किया था वह गलत था इसी लिए मुझे नुकसान हुआ था।

ऐसा आपके साथ न हो इस लिए हमेशा ही निवेश और ट्रेडिंग को अलग ही रखे।

3) शेयर बाजार के बारे में सीख कर ही शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग शुरू करे:


शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स में तीसरी टिप है 'शेयर बाजार के बारे में सिख कर ही निवेश या ट्रेडिंग शुरू करे।'

और मेरे दोस्त किशोर जैसी गलती बिलकुल भी न करे।

उसने बिना कुछ सीखे शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना शुरू कर दीया।

जिस के कारण उसने 6 महीने में जमा किए अपने 40 हजार रुपए को सिर्फ एक महीने में ही गवा दिया।

अगर उसने सीधा ट्रेडिंग करने के बजाए शेयर बाजार के बारे में कोई अच्छी पुस्तक खरीदकर उसे पढ़ लिया होता तो वह सिर्फ एक पुस्तक से अपने 40 हजार रुपए बचा सकता था।

यह 40 हजार रुपए उसकी तीन महीने की तनख्वा जितने थे।

जबकी एक पुस्तक वह अपनी एक महीने की तनख्वा के 5 - 10 % में ही खरीद सकता था।

तो आप ही बताए समझदारी भरा काम क्या होता ?

पुस्तक खरीद कर सिख कर फिर निवेश करना या फिर सीधा ही शेयर बाज़ार में पैसा

इसलिए शेयर बाज़ार में निवेश आने से पहले आप कम से कम शेयर बाज़ार के बारे में पूरी जानकारी ले कर उस जरूर समझ ले।

इसके लिए आप निचे दी गई पुस्तकों का उपयोग कर सकते है।

1) शेयर मार्केट गाइड :


यह पुस्तक सुधा श्रीमाली जी ने लिखी है।

इस पुस्तक में सुधा जी ने बहुत ही आसान भाषा में शेयर बाजार से जुडी सभी जानकारी दी है।


इसमें उन्होंने
  • शेयर बाजार क्या है ?
  • प्राइमरी मार्किट और सेकेंडरी मार्केट क्या है?,
  • स्टॉक एक्सचेंज कैसे काम करता है ?,
  • एक शेयर धारक के लाभ क्या है ?,
  • शेयर किस प्रकार के होते है ?,
  • निवेश करने से पहले कौनसी बातो का ध्यान रखे ?,
  • शेयर ट्रेडिंग क्या होती है ?
  • ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है ?,
  • सूचक अंक क्या होते है ?
  • निवेश करने के तरीके कौनसे है ?
  • और म्यूच्यूअल फंड
के बारे में बताया है।

यह सबसे बेहतरीन हिंदी पुस्तक है जिसमे शेयर बाजार के बारे में बहुत अच्छी तरह से समझाया गया है।

आप इसे यहाँ से खरीद सकते है : शेयर मार्केट गाइड

2) शेयर मार्केट से कैसे बनाए मैंने 10 करोड़ ?


यह एक बेस्ट सेलर बुक है जो की उजागर करती है की कैसे एक आम आदमी अपरंपरागत तरीको का प्रयोग कर के शेयर बाजार से अच्छे पैसे बना सकता है।


यह पुस्तक निकोलस डरवास द्वारा लिखी गई है।

निकोलस एक हंगेरी व्यक्ति थे।

जो की बुडापेस्ट विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण हुए एक अर्थशास्त्री थे।

वह कुछ संजोगो के कारण नकली वीज़ा ले कर तुर्की चले गए थे।

उस समय उनके पास केवल 50 पाउंड ही थे।

तुर्की जा कर वह एक नर्तक बन गए थे।

अपने खाली समय का प्रयोग कर के उन्होंने शेयर बाजार के बारे 200 से ज्यादा पुस्तक पढ़ी थी।

इन सभी पुस्तकों के ज्ञान का प्रयोग कर के उन्होंने बहुत कम निवेश के साथ शेयर बाजार से 10 करोड़ रुपए कमाए थे।

इस पुस्तक में उनके द्वारा उपयोग किए गए विभिन्न तरीको और उनके अनुभव के बारे में बताया है।

आप इसे यहाँ से खरीद सकते है : शेयर मार्केट से कैसे बनाए मैंने 10 करोड़ ?

हिंदी में लिखित इन दो पुस्तकों के आलावा बहुत सी पुस्तक है जो की शेयर बाजार के बारे में लिखी गई है लेकिन यह दोनों पुस्तक बेहतरीन पुस्तके है।

इन पुस्तकों के अलावा आप शेयर बाजार का ज्ञान Free में यहाँ से भी ले सकते है : Share Market in Hindi

शेयर बाजार के बारे में जान लेने के बाद अगर आप खुद अच्छी कंपनिया ढूंढ कर निवेश करना चाहते है, तो आपको Fundamental Analysis सीखना पड़ेगा।

इसके लिए आप कोई पुस्तक पढ़ सकते है, लेकिन अगर आप हिंदी में Fundamental Analysis सीखना चाहते है,

तो आप हमारी Fundamental Analysis की Series से भी सिख सकते है।

उम्मीद करता हु आप इन tips को समझेंगे और अपना लाखो का नुकसान होने से बचा लेंगे।

धन्यवाद।



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