किस कारण आपको म्यूच्यूअल फंड में पहली बार में ही नुकसान हुआ ?


क्या आपको म्यूच्यूअल फंड्स में पहली बार में ही नुकसान हुआ है ? और अब आपने म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करना छोड़ दिया है ? तो इस पोस्ट को जरूर पढ़े। 

नमस्कार दोस्तों। 
आपका SIP TO LUMP SUM में स्वागत है।  

जो निवेशक पहली बार ही म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करते है उसमे से ज्यादातर कुछ ही महीनो में ही नुकसान कर के म्यूच्यूअल फंड्स में से निकल जाते है।

नुकसान कर के ही म्यूच्यूअल फंड्स से निकल जाने का मुख्य कारण है, 

म्यूच्यूअल फंड में निवेशकों की यात्रा से परिचित न होना।


जब भी कोई निवेशक पहली बार म्यूच्यूअल फंडस में निवेश करता है तो वो यह बात सुनके निवेश करता है की म्यूच्यूअल फंड्स में सालाना 15 प्रतिशत का औसतम रिटर्न मिलता है जोकि सच भी है।


इस लिए निवेशक ये सोचता है की म्यूच्यूअल फंड में भी फिक्स्ड डिपाजिट की तरह साल के अंत में 15 प्रतिशत का ब्याज जमा हो जाएगा।


अगर आप भी ये सोच रहे है तो


आप गलत है।


क्युकी 


म्यूच्यूअल फंड कोई फिक्स्ड डिपाजिट की तरह नहीं है जो उसमे आपके पैसे पर हर साल ब्याज जमा होता रहे।  


और पढ़े : कैसे जाने की म्यूच्यूअल  का परफॉरमेंस अच्छा है या नहीं ?


म्यूच्यूअल फंड पैसे को शेयर में निवेश करते है जिनका दाम हर समय बदलता रहता है इसी लिए म्यूच्यूअल फंड में जमा कीए गए पैसे का मूल्य भी बढ़ता और घटता रहता है।

नए निवेशक हर रोज अपने म्यूच्यूअल फंड की NAV को देखते रहते है।
उसी वजह से उनकी भावनाएं भी अपने पैसो के मूल्य के अनुसार रोज बदलती रहती है शुरू शुरू में तो उनके म्यूच्यूअल फंड्स का दाम बढ़ता है तब तो वे बहुत खुश होते है।

लेकिन
 
जब म्यूच्यूअल फंड की NAV कम होने लगती है और उन्हें नुकसान होने लगता है तब वे परेशान हो जाते है और वे हो रहें नुकसान के बारे में सोचते रहते है।
धीरे धीरे बाज़ार के गिरने की वजह से म्यूच्यूअल फंड में उनका नुकसान बहोत ही बढ़ जाता है और आखिर कार वो परेशान हो कर फैसला करते है कि अब जितना मिले उतने में निकल जाना चाहिए।

और वे यह सोचने लग जाते है की

'ये सब कुछ मेरे लिए नहीं है और अब में फिर से कभी म्यूच्यूअल फंड में निवेश नहीं करूँगा। '
अगर उन्होंने पहले ही म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश की सच्ची यात्रा के बारे में जान लिया होता तो वो ऐसा कभी न करते और उनको भी म्यूच्यूअल फंड्स में अच्छा रिटर्न मिलता।  


आइए जानते है की


म्यूच्यूअल फंड में निवेश की सच्ची यात्रा के बारे में।


सोचिए की आपने साल 2013 में 10 हजार रूपए फिक्स्ड डिपाजिट में 7 प्रतिशत ब्याज पर निवेश किए होते तो आपके पैसो पर मिला हुआ रिटर्न और मूल रही का चार्ट कुछ इस तरह होता। 


इस चार्ट पर से आप देख सकते है की FD में निवेश किए हुए पैसो की कीमत हमेशा मूल राशि (10 हज़ार) से ज़्यादा ही है।  

इसी वजह से लोग फिक्स्ड डिपाजिट में निवेश करने से डरते नहीं है और उन्हें नुकसान नहीं होता। 


अब सोचिए की अगर आपने वो ही 10 हजार कोई स्मॉल कैप म्यूच्यूअल फंड में निवेश किए होते तो आपके पैसो का मूल्य 2013 की हर तिमाही के अंत में कुछ इस तरह होता।



म्यूच्यूअल फंड रिटर्न (Q)

चार्ट को देख कर आप बता सकते है की साल 2013 की पहली तिमाही  के अंत में आपका पैसा बढ़ने के बजाए कम हो गया होता।  

यह देख कर नए निवेशक डर जाते है क्योकि उनका पैसा तो कम होने लगा है ऐसे ही अगर ज्यादा नुकसान दिखने लगे तो वे परेशान हो कर म्यूच्यूअल फंड से निकल जाते है।


लेकिन अगर उन्होंने कम से कम 5 साल तक पैसे निवेशित रखे होते तो उनके पैसो का मूल्य क्या होता वो हम म्यूच्यूअल फंड के सालाना रिटर्न के चार्ट पर से देख सकते है।


चार्ट देख कर आप समझ गए होंगे की अगर निकलने के बजाए वे निवेशित रहते तो उनके पैसो पर उन्हें कितना रिटर्न मिला होता।

यही म्यूच्यूअल फंड के निवेशक की सच्ची यात्रा है की म्यूच्यूअल फंड में निवेश किए हुए पैसो का मूल्य बहोत बढ़ भी सकता है और बहोत कम भी हो सकता है लेकिन 

अब तक ये देखा गया है की कम से कम 5 साल निवेशित रहने से निवेशक को अच्छा रिटर्न मिलता है। 


अब आप समझ गए होंगे म्यूच्यूअल फंड के निवेशक की सच्ची यात्रा के बारे में।


इस लिए अब जब भी आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश करे तो हमेशा लम्बे समय के लिए ही करे और म्यूच्यूअल फंड के रिटर्न को हररोज़ न देखे। 


तभी आप म्यूच्यूअल फंड में मिलने वाले अच्छा रिटर्न का लाभ उठा सकते है।


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