Sunday, December 30, 2018

CAGR का मतलब क्या होता है ?


दोस्तों आपने Tv पर कई बार Business News Channels पर सुना होगा की यह कंपनी इतने CAGR से बढ़ रही है।

और वह कंपनी उतने CAGR से बढ़ रही है।

तब ज्यादातर लोगो को समझ नहीं आता की "इतने CAGR से बढ़ रही है का मतलब क्या है ?"

इस लिए आज हम CAGR के बारे में विस्तार से जानेंगे।

हम जानेंगे की CAGR का मतलब क्या है और CAGR का प्रयोग क्यु होता है ?

तो आइए पहले जानते है की,

CAGR का प्रयोग क्यु होता है?


किसी भी निवेश विकल्प में निवेश करने से पहले हम यह जरूर जानते है, की हमें उसमे से कितना रिटर्न मिलेगा।

जिस से हम दूसरे निवेश विकल्पों के साथ उस की तुलना कर के ज्यादा रिटर्न देने वाले निवेश विकल्प में निवेश कर सके।

निश्चित ब्याज देने वाले विकल्प जैसे FD या RD की तुलना तो हम आसानी से कर सकते है।

लेकिन जहा पर रिटर्न निश्चित दर से नहीं मिलता उन विकल्पो का क्या ?

उनकी तुलना हम कैसे किसी अन्य निवेश के साथ कर सकते है?

इसी समस्या का समाधान है CAGR .

तो अब जानते है की,

क्या होता है CAGR ? (CAGR Meaning in Hindi)


CAGR का पूरा नाम Compounded Annual Growth Rate है।

यानी सालाना चक्रवृद्धि बढ़ोतरी का दर

CAGR एक तरह का ब्याज गिनने का तरीका है जो की निवेश की अवधि खत्म होने के बाद निकाला जाता है।

ताकी हर साल का औसतम रिटर्न पता कर सके।

CAGR के बारे में जानने से पहले हम जानते है की,

क्या होता है Compounding Interest?


CAGR में शामिल Compounding Interest यानि चक्रवृद्धि ब्याज का मतलब है, ब्याज के ऊपर ब्याज।

उदाहरण के तौर पर आज आपने 1 साल के लिए किसी बैंक में 100 रुपए 8 % के दर से FD की।

तो आज से एक साल बाद आपको उसमे से 100 रुपए आपके और 8 रुपए का ब्याज मिलेगा।

अब आप फिर से उस 108 रुपए को अगले साल के लिए 8 % के दर से FD में निवेश करते है, तो आपको अब 108 रुपए पर ब्याज मिलेगा।

यानी अगले साल आपको 116.64 रुपए मिलेंगे जिसमे 8.64 रुपए का ब्याज मिलेगा।

इस ब्याज में जो 64 पैसे ज्यादा मिले है वह पहले साल में मिले 8 रुपए के ब्याज पर मिला हुआ ब्याज है।

यानी ब्याज पर मिला हुआ ब्याज इस लिए उसे चक्रवृद्धि ब्याज (Compounded Return) कहते है।

इसी पर से CAGR मिला है।

जिसकी मदद से हम यह जान सकते है की किसी निवेश में हमारा पैसा सालाना औसतम कितने % से बढ़ा है।

फिर हम ऐसे ही किसी दूसरे निवेश विकल्प की तुलना इस विकल्प से कर के अपने लिए बेहतर विकल्प खोज सकते है।

और फिर अपनी स्थिति के अनुसार निवेश कर सकते है।

म्यूच्यूअल फंड्स और शेयर बाजार भी ऐसे ही निवेश के विकल्प है जिसमे बाजार की स्थिति के अनुसार हर साल ज़्यादा या फिर कम रिटर्न मिलता रहता है।

इस लिए किसी दो ऐसे निवेश विकल्प की तुलना करने के लिए CAGR का प्रयोग किया जाता है।

CAGR formula :


किसी भी निवेश विकल्प के लिए उसका CAGR हम निचे दिए गए formula की मदद से खोज सकते है :

जहा पर FV का मतलब है Final Value यानी निवेश के अंत में आपको कितनी राशि मिली है वह राशि।

SV का मतलब है Starting Value यानी जो राशि आपने निवेश की है वह राशि।

Year का मतलब जितने साल आपने निवेश किया है वह साल की संख्या।

तो आइए एक उदहारण से समझते है की कैसे हम किसी निवेश विकल्प का CAGR उसके formula की मदद से खोज सकते है।

CAGR का उदाहरण :


5 साल पहले एक म्यूच्यूअल फंड की NAV 15 थी।

यहाँ पढ़े : म्यूच्यूअल फंड्स में NAV क्या होती है ?

पिछले 5 साल में हर साल उस म्यूच्यूअल फंड्स ने कुछ इस तरह रिटर्न दिया है।
Sr.No.123456
NAV152528223240
आज 5 साल बाद उसकी NAV 40 है।

यहाँ हम यह देख सकते है की हमें 5 साल में 166 प्रतिशत का रिटर्न मिला है।

इस फंड का पिछले 5 साल का CAGR कुछ इस तरह से मिलेगा।
CAGR = 22%

मतलब हर साल यह फंड 22 के CAGR से बढ़ा है।

CAGR और सामान्य रिटर्न के चार्ट पर से देख सकते है की यह सामान्य रिटर्न से कैसे अलग है।

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उम्मीद करता हु दोस्तों की आपको CAGR Meaning in Hindi समझमें आ गया होगा।

यदी आपको इस के बारे में समझने में परेशानी हुई हो तो आप मुझे Comment Box में बता सकते है।

में आपको समझाने का पूरा प्रयाश करुंगा।

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